नेत्रा

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा

नेत्रा अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास के निम्नलिखित प्रमुख गतिविधियों में लिप्त है:

सौर ऊर्जा

Solar Energy

नेत्रा एनटीपीसी - ग्रेटर नोएडा साइट पर प्रसिद्ध घरेलू और अंतरराष्ट्रीय  अनुसंधान संस्थानों/संगठनों के सहयोग से सौर ऊर्जा अनुसंधान सुविधा की स्थापना कर रहा है। सौर ऊर्जा अनुप्रयोग के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास के लिए उत्कृष्टता के उद्देश्य से इस केन्द्र में निम्नलिखित सुविधाओं की परिकल्पना प्रस्तावित की गई है:

  1.  सौर विकिरण मापन केंद्र: एनटीपीसी - ग्रेटर नोएडा साइट में एक और  एनटीपीसी के मौजूदा पावर प्लांट स्थल पर दूसरा जो कि दूर से संचालित और निगरानी प्रणाली पर आधारित है।
  2.  प्रोटोटाइप मूल्यांकन सुविधा [पीईएफ़] : पहली प्रणाली ‘सौर तापीय HVAC प्रणाली' है, जिसके लिए कार्य प्रगति पर है और दूसरी प्रणाली ' सौर थर्मल अनुसंधान और विकास प्लांट' है जो कि सीएसपी (Concentrated Solar Power) प्रौद्योगिकी पर आधारित है – इसका कार्य विचाराधीन  है।
  3.  सौर तापीय ऊर्जा के सदुपयोग हेतु इंजीनियरिंग एवं डिजाइन सेंटर:  वर्तमान में 'ऑप्टिकल डिजाइन और सिमुलेशन सॉफ्टवेयर' और 'सौर तापीय पावर प्लांट सिमुलेशन सॉफ्टवेयर’ की सुविधा उपलब्ध है।

ऊर्जा और जैव डीजल (biodiesel) निर्माण के लिए एकीकृत जैव डीजल प्रायोगिक प्लांट

Integrated biodiesel pilot plant

जैव डीजल   के उत्पादन की प्रौद्योगिकी को हालांकि पारंपरिक प्रक्रिया के रूप में जाना जाता है, जिसमें जैव-फलों (biofruit) से 15% के आसपास ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाता है। नेत्रा ने एक ऐसा एकीकृत जैव डीजल पायलट प्लांट विकसित किया है जो जैव फलों की लगभग 80% ऊर्जा का इस्तेमाल करता है और यह जैव डीजल प्लांट के संचालन के लिए भी शक्ति प्रदान करता है। इस एकीकृत प्लांट से कुछ अतिरिक्त ऊर्जा का भी उपयोग किया जा सकता है।

पावर प्लांटों से अपशिष्ट ऊष्मा की भरपाई के लिए थर्मोइलैक्ट्रिक उत्पादन के लिए प्रायोगिक प्लांट शीतलक की स्थापना 

Thermoelectric Generation

थर्मोइलैक्ट्रिक (Thermoelectric) प्रणाली में थर्मोइलैक्ट्रिक मॉड्यूल निहित होते हैं, जो तापांतर को प्रत्यक्ष वोल्टेज में परिवर्तित करते हैं, गर्म और ठंडे साइड वाले हीट एक्सचेंजर्स और प्रणाली का संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं। थर्मोइलैक्ट्रिक विद्युत उत्पादन प्रणाली का विकास किया जा रहा है जिससे कि कम तापमान (150 डिग्री सेंटीग्रेड के आसपास तापमान) पर अपशिष्ट ऊष्मा, जो विद्युत प्लांटों में उपलब्ध है, की बर्बादी को रोका जा सके  और इसे उपयोगी बिजली में परिवर्तित किया जा सके।  अवधारणा का परीक्षण हमारी प्रयोगात्मक परीक्षण सुविधा में किया जा रहा है, इसके अलावा इसका परीक्षण प्लांट में स्थापित प्रायोगिक सुविधा में भी किया जा रहा है और बाद में इसे बड़े पैमाने पर  सभी पावर प्लांटों में लागू किया जाएगा। प्रणाली  अत्यधिक मॉड्यूलर है और इसे वितरित ढंग से स्थापित किया जा सकता है।.

अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन के लिए

नेत्रा नगर पालिका के ठोस अपशिष्ट (Municipal Solid Waste) को ऊर्जा में परिवर्तित करने के लिए प्रौद्योगिकीय और संभा‍वित विकल्पों की दिशा में कार्य कर रहा है। इस पहल के परिणाम स्वरूप न केवल एनटीपीसी के नवीन और नवीकरणीय तथा वैकल्पिक ईधनों के माध्यम से कार्बनडाईऑक्साइड के उत्सर्जन को नियंत्रित और कम करने के लक्ष्यी के अधीन कार्बन डाईऑक्साइड के उत्सर्जन और जीवाश्म् गैसों के प्रयोग में कमी होगी बल्कि स्थाई विकास के लिए अपशिष्ट प्रबंधन से जुडी समस्याओं को हल करने में भी मदद मिलेगी।