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एनटीपीसी : विशिष्ट पहचान के साथ विंध्याचल विधुत संयत्र रजत जयंती वर्ष के नए सोपान में

02nd नवम्बर, 2012

देश के सबसे बड़े एनटीपीसी का विंध्याचल सुपर थर्मल पावर स्टेशन आगामी 8 नवम्बर 2012 को अपने सफल प्रचालन के 25 वर्ष पूर्ण करने जा रहा है। इस दौरान यह विधुत केन्द्र एनटीपीसी के विधुत नक्शे में एक चमकीले नगीने के रुप में उभर कर सामने आया है, जिसने मध्यप्रदेश गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, दमन दीप के साथ ही साथ ही केन्द्र शासित दादरा व नागर हवेली को निरंतर विधुत की आपूर्ति के साथ ही अनेक प्रतिषिठत अवार्ड प्राप्त करने के साथ अपनी विशिष्ट पहचान बनार्इ है।

3760 मेगावाट की स्थापित क्षमता वाले देश के सबसे बडे़ विंध्याचल विधुत संयंत्र में स्टेज प् के अंतर्गत 210 मेगावाट की 6 इकार्इयां स्टेज प्प् में 500 मेगावाट की 2 इकार्इयां, स्टेज प्प्प् में 500 मेगावाट दो इकार्इयां और स्टेज प्ट में 500 मेगावाट की 1 इकार्इ स्थापित की गर्इ है। वर्ष 1982 में प्रधानमंत्री श्रीमती इंदि्ररा गांधी द्वारा आधार शिला रखे जाने के 5 वषो± के बाद ही 210 मेगावाट की पहली इकार्इ से विधुत उत्पादन आरंभ हो गया।

विंध्याचल संयंत्र का अतीत काफी उतार चढाव से भरपूर रहा है। यह पूर्ववर्ती सेवियत संघ व भारत के मध्य Þप्रगाढ़ संबधोß का एक समर्पित प्रतीक रहा है। संयंत्र का प्रथम चरण सोवियत संघ के तकनीकी व आर्थिक सहायता से क्रियानिवत किया गया तथा संयंत्र के लिए मुख्य संयंत्रों की आपूर्ति सोवियत संघ द्वारा की गर्इ थी।

210 मेगावाट की 6 इकार्इयों वाले प्रथम चरण की अनुमोदित लागत लगभग 1460.37 करोड़ रु. थी। इसका अांशिक भाग (303.66 करोड़ रुबल ) सोवियत संघ द्वारा आर्थिक सहायता के रुप में उपलब्ध करवाया गया। स्टेज-प्प् की स्वीÑत लागत 2702 करोड़ रु. थी। इसके लिए प्रोजक्ट प्रशासन ने आर्इ.बी.आर.डी. द्वारा उपलब्ध करार्इ गर्इ 400 मिलियन डालर की अंतरार् ष्ट्रीय सहायता को उपयोग में लाया गया। स्टेज प्प्प् की स्वीÑत लागत 4125 करोड़ रु. तथा स्टेज प्ट की लागत 5910 करोड़ रु. रही।

विभिन्न एजेनिसयों के सामंजस्य के साथ विंध्याचल विधुत संयंत्र के निर्माण व स्थापना व लक्ष्यों की प्रापित एन टी पी सी की कार्यकुशलता व दक्षता का मानदण्ड बन गर्इ है। संयंत्र के स्टेज प् तथा स्टेज प्प् को क्रमश: फरवरी 1992 तथा अक्टूबर 2000 में पूर्णत: वाणिजियक प्रचालन में ला दिया गया। जुलार्इ 2007 में संयंत्र के स्टेज प्प्प् को वाणिज्य तौर पर प्रचालित किया गया। चौथे चरण की दोनो इकार्इयों के वर्ष 2013 के दौरान कमीशन किये जाने की आशा है। संयंत्र के पाँचवें चरण में 500 मेगावाट की दो इकार्इयों की स्थापना की जा रही है। यह निमर्ण कार्य पूर्ण होने पर संयंत्र की क्षमता 4760 तक पहुंच जाएगी।

नैगम सामाजिक द्वायित्व के संदर्भ में एन टी पी सी के सुदृढ़ संकल्प का लाभ विंध्याचल विधुत संयंत्र के आसपास के गांवाें तथा प्रभावित परिवारों को प्राप्त हुआ है। कंपनी के पुर्नवास कार्यक्रमों के साथ सामुदायिक विकास कार्यक्रमों से ग्रामीण परिवार काफी संख्या में लाभांवित हुए है।

VINDHYACHAL COMPLETES 25 YEARS

वर्ष 1987 के बाद से एन टी पी सी विंध्याचल तथा वर्ष 2008 में प्रोजेक्ट क्रियान्वयन में उत्Ñष्टता के लिये (प्डच्। ।ूंतक ) आर्इ.एम.पी.ए. अवार्ड तथा वर्ष 2012 मे ं देश के श्रेष्ठ विधुत संयंत्र के रुप में ( प्च्च्। ।ूंतक) आर्इ.पी.पी.ए. अवार्ड के माध्यम से एक विशिष्ट पहचान प्राप्त करने में सफल रहा है। इसके पूर्व वर्ष 2005 तथा वर्ष 2008 में उत्Ñष्टता के लिए सुदृढ़ संकल्प बद्धता के लिये विंध्याचल संयंत्र (म्ग्प्ड ।ूंतक) एक्जीम अवार्ड से गौरवानिवत हो चुका है।


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