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प्रेस विज्ञप्ति

एनटीपीसी फाउंडेशन

21st जुलाई, 2010

एनटीपीसी - डीयू आईसीटी सेंटर में शारीरिक रूप से निःशक्त छात्रों को प्रमाणपत्र दिए गए

दिल्ली विश्वविद्यालय के उप कुलपति प्रो. दीपक पेंटल ने शारीरिक रूप से निःशक्त 47 छात्रों को प्रमाणपत्र प्रदान किए। इन छात्रों ने दिल्ली विश्वविद्यालय के समान अवसर प्रकोष्ठ और एनटीपीसी फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित अल्पावधि पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया है, जिसका आयोजन दिल्ली विश्वविद्यालय में शारीरिक रूप से निःशक्त छात्रों के लिए अभिविन्यास कार्यक्रम के अन्तर्गत किया गया था। ये प्रमाणपत्र सांकेतिक भाषा, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी, संपर्क भाषा अंग्रेजी, समाचार पठन और सिनेमेटोग्राफी के लिए दिए गए थे।

इस अवसर पर बोलते हुए श्री पेंटल ने शारीरिक रूप से निःशक्त छात्रों को आईटी सक्षमता प्रदान करने के लिए एनटीपीसी फाउंडेशन के प्रयासों की प्रशंसा की, जिससे ये छात्रा मुख्य धारा के छात्रों के समकक्ष बन सकेंगे।

श्री पेंटल ने कहा कि आईसीटी केन्द्र देश में अपने आप में एक अनोखा केन्द्र है और नैगम क्षेत्र से आगे आने का तथा शारीरिक रूप से निःशक्त छात्रों के लिए योगदान करने का अनुरोध किया।

एनटीपीसी फाउंडेशन की स्थापना उन शारीरिक रूप से निःशक्त छात्रों के लिए आईटी मूल संरचना के सृजन में एक उदाहरण स्वरूप की गई है जो इनकी रोजगार परकता को बढ़ाने में भी सहायता देती है। श्री पेंटल ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी और दक्षिणी परिसरों से शारीरिक रूप से अक्षम छात्रों को आईसीटी केन्द्र तक लाने के लिए विशेष बसों की व्यवस्था की है। दिल्ली विश्वविद्यालय का उद्देश्य सभी शारीरिक रूप से अक्षम छात्रों और कर्मचारियों को शैक्षिक, बौद्धिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में पूरी तरह भाग लेने में सक्षम बनाने का है।

श्री दिनेश अग्रवाल, महाप्रबंधक, एनटीपीसी फाउंडेशन ने बताया कि एनटीपीसी फाउंडेशन शारीरिक रूप से निःशक्त छात्रों की सहायता हेतु वचनबद्ध है और उन्होंने परियोजना की सफलता के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय प्रबंधन को धन्यवाद दिया। श्री अग्रवाल ने एनटीपीसी फाउंडेशन द्वारा शारीरिक रूप से अक्षम छात्रों के लाभ के लिए अन्य विश्वविद्यालयों में भी आईसीटी केन्द्रों की स्थापना के प्रस्ताव की जानकारी दी।

डेसी इंडिया फोरम के अध्यक्ष श्री दीपेन्द्र मनोचा, ई-पुस्तकों के सृजन में संलग्न हैं और उन्होंने बताया कि आईसीटी केन्द्र में प्रदान किए जाने वाले आईटी कौशलों के साथ दृष्टि विकलांगता वाले छात्र अपने आप आवेदन भरने में सक्षम बन सकेंगे।

एनटीपीसी फाउंडेशन

प्रो. रमाकांत अग्निहोत्री, समन्वयक, ईओसी, डीयू ने छात्रों को विश्वविद्यालय में शारीरिक रूप से निःशक्त छात्रों के लिए उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं और उनके लिए दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों के बारे में बताया। इस कार्यक्रम में लगभग 300 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।/p>


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