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प्रेस विज्ञप्ति

एनटीपीसी ब्‍लॉक में एक बार पुन: प्रथम अंतर्राष्‍ट्रीय बाजारों से 500 मिलियन अमरीकी डालर जुटाए

21st नवम्बर, 2014

एनटीपीसी लिमिटेड (एनटीपीसी), भारत में विद्युत का उत्पादन करने वाली सबसे बड़ी कंपनी ने 19 नवम्बर, 2014 को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में 500 मिलियन अमरीकी डालर का मध्यावधि नोट की पेशकश का मूल्य निर्धारित किया। भारत सरकार, कारपोरेट कार्य मंत्रालय ने हाल में स्पष्ट किया कि विवरणिका और प्रतिभूतियों के आवंटन के संबंध में नए कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रावधान भारतीय कारपोरेट द्वारा विदेशी करेंसी बांड के निर्गम पर लागू नहीं होते को स्पष्ट करने के पश्चात विदेशी करेंसी बांड बाजार का दोहन करने वाली एनटीपीसी पहली भारतीय कंपनी है।

भारतीय क्रेडिट में नई दिलचस्पी के साथ सुदृढ़ प्राथमिक क्रेडिट बाजार का लाभ लेते हुए एनटीपीसी ने 19 नवम्बर (एशिया ओपन) यूएस राजकोष (यूएसटी) जमा 230 बीपीएस क्षेत्र का आरंभिक मूल्य मार्गदर्शन के साथ बैंचामिक आकार, वरिष्ठ, असुरक्षित, निश्चित दर 10 वर्षीय बांड लेन देन शुरू किया। पेशकश को बहुत शानदार व सुदृढ़ मांग प्राप्त हुई और लेन-देन घोषणा के एक घंटे के भीतर अतिदत्त हो गया। एशिया बंद पर मार्गदर्शन को बाद में संशोधित करके टी+205-215 बीपीएस कर दिया गया था। अंतिम आदेश बुक 2.3 बिलियन अमरीकी डालर से अधिक थी, 160 खातों से आदेशों के साथ अभिदान 4;6 गुणा के अधिक था। बड़ी आर्डर बुक की मजबूती पर कंपनी 4.375 प्रतिशत प्रति वर्ष के निश्चित कूपन के साथ यूएसटी + 205 बीपीएस की रेंज के कड़े छोर पर बांडों का मूल्य निर्धारण कर सकी, जो कंपनी के लिए अपने अंतर्राष्ट्रीय बांडों के लिए आज तक प्राप्त न्यूनतम कूपन है।

सौदे पर बोलते हुए सीएमडी, एनटीपीसी श्री अरुप रॉय चौधरी, ने कहा कि हम निवेशकों के जबरदस्त प्रत्युत्तर से खुश हैं। वह अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों और भारत में नवीकृत दिलचस्पी द्वारा भारतीय विद्युत क्षेत्र में हमारी नेतृत्व स्थिति की अभिपुष्टि है।

एनटीपीसी के निदेशक वित्त, श्री कुलामणि बिशवाल, ने कहा कि हम हमारे लेन देन के लिए जबरदस्त मांग और अंतर्राष्ट्रीय निवेशक समुदाय द्वारा हमारी क्रेडिट गुणवत्ता के सुदृढ़ बोध को देखकर खुश हैं। हम अंतर के पश्चात अमरीकी डालर बांड बाजार में हमारी वापसी पर निवेशकों से हार्दिक स्वागत प्राप्त करके और तुलनीय द्वितीयक स्तरों के भीतर बजुत उत्कृष्ट स्तरों के लिए खुश हैं।”

भौगोलिक वितरण के अनुसार यूरोप और अपतट यूएस खातों से पूरक मांग क्रमश: 18 प्रतिशत और 14 प्रतिशत के साथ एशिया ने 68 प्रतिशत पर लेनदेन का अधिकांश हिस्सा लिया। नोट उच्च गुणवत्ता वाले निश्चित आय खातों को वितरित किए गए थे: फंड प्रबंधकों को 53 प्रतिशत, बीमा को 15 प्रतिशत, सरकारी संस्थाओं को 8 प्रतिशत और निजी बैंकों और अन्यों को 4 प्रतिशत।

निष्पादन के तहत 23,000 मेगावाट से अधिक के जबरदस्त पोर्टफोलियो के साथ कंपनी का इरादा निर्गम के प्रतिफल को इसकी नई विद्युत परियोजनाओं को वित्तपोषित करने का है।

बार्कलेस सिटी ग्रुप, ड्यूश बैंक, एचएसबीसी और एसबीआई केपिटल मार्केट ने संयुक्त बुक-रनर और अग्रणी प्रबंधकों के रूप में कार्य किया।


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