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प्रेस विज्ञप्ति

एनटीपीसी के निदेशक वित्त को भारत के वित्तीय गौरव के रूप में सम्‍मानित किया गया

19th जनवरी, 2015

एनटीपीसी के निदेशक वित्त श्री कुलामणी बिशवाल, को नई दिल्‍ली में आयोजित समारोह में सर्वोत्तम वित्त व्‍यावसायिक श्रेणी में ''जीएसबीए-टाप रैंकर उत्‍कृष्‍टता पुरस्‍कार 2015'' भारत के वित्तीय गौरव का सम्‍मान प्रदान किया गया है। श्री बिस्‍वाल को एच आर संगठनात्मक विकास और सामान्‍य प्रबंध में अग्रणी परामर्शदाता 'टाप रेकर' द्वारा वित्तीय प्रबंध के क्षेत्र में उनके उत्‍कृष्‍ट योगदान के लिए दिया गया है। ''इम्‍पेक्‍टफुल आरगेनाइजेशन-मेकिंग इट हेप्‍पन' पर 16वीं राष्‍ट्रीय प्रबंध शिखर वार्ता में प्रतिष्ठित शिक्षाविद पदमश्री डॉ. प्रीतम सिंह द्वारा यह सम्‍मान प्रस्‍तुत किया गया।


Financial Pride of India

श्री बिशवाल उत्‍कल विश्‍वविद्यालय से वाणिज्यि स्‍नातक और न्‍यू पोर्ट विश्‍वविद्यालय, केलफोर्निया, यू एस ए के साथ लागत लेखा में फैलो, सम्‍बलपुर विश्‍वविद्यालय से एलएलबी और आईजीएनओयू से वित्तीय प्रबंध में डिप्‍लोमा रखते हैं।

श्री बिशवाल अपनी सुदृढ़ वित्तीय विद्वता, अद्यतन ज्ञान आधार और व्‍यवसाय नेटवर्किंग में कौशल के लिए जाने जाते हैं। श्री बिशवाल ने वर्ष 1985 में कोल इंडिया लिमिटेड के साथ अपने केरियर की शुरूआत की। वर्ष 1997 में निदेशक के रूप में आप उड़ीसा विद्युत विनियामक आयोग से जुड़ गए। वर्ष 2014 में वे केन्‍द्रीय विद्युत विनियामक आयोग में मुख्‍य (वित्त) के रूप में नियुक्‍त किए गए। सीईआरसी में उन्‍होंने टैरिफ विनियमन 2009-14 को तैयार करने में और प्रणाली प्रचालन और भार प्रेषण गतिविधियों की देखभाल करने के लिए ''पोसोको'' नामक नई कंपनी को बनाने में महत्‍वपूर्ण योगदान दिया। उन्‍होंने बढ़ी हुई जिम्‍मेदारी के साथ सीईआरसी में आंत‍रिक वित्तीय सलाहकार के रूप में भी कार्य किया। एनटीपीसी में उनके क्रेडिट पर बहुत हैट होने के अलावा, कंपनी को केपेक्‍स आवश्‍यकताओं को पूरा करने के लिए अत्‍यधिक आकर्षक ब्‍याज की दर से अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार से 750 मिलियन अमरीकी डालर निधि समेटने में सहायक रहे हैं। उनके कुशल नेतृत्‍व में एनटीपीसी अपनी ऋण लागत को प्रति वर्ष 7.81 तक कम करने में समर्थ रहा है। एनटीपीसी से जुड़ने के पहले वे अक्‍तूबर, 2010 से दिसम्‍बर, 2013 तक महानदी कोलफील्‍ड लिमिटेड (एमसीएल) में निदेशक (वित्त) थेा उन्‍होंने एमसीएल को उत्‍पादन और लाभ प्रदाता के संदर्भ में भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभायी। एमसीएल में वे फालतू निधियों के लाभदायक उपयोग के लिए विद्युत उत्‍पादन, सौर विद्युत, विद्युत के पारेषण आदि में व्‍यवसाय के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। पूर्ति, वितरण के उत्‍पादन तथा विनियामक कार्यों से लेकर विद्युत व्‍यवसाय की संपूर्ण मूल्‍य श्रृंखला में भी आपकी असाधारण दक्षता थी।


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