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प्रेस विज्ञप्ति

एनटीपीसी भारत के विद्युत क्षेत्र में सुधार के लिए योगदान देगा

13th फ़रवरी, 2015

माननीय केन्‍द्रीय विद्युत, कोयला और नए तथा नवीकरणीय ऊर्जा (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री पीयूष गोयल ने एनटीपीसी के निष्‍पादन और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राष्‍ट्रीय मिशन के सन्‍दर्भ में एनटीपीसी की व्‍यापक भूमिका है। वर्ष 1982 में सिंगरौली में सबसे पहली उत्‍पादन इकाई से सेवा को मनाने को शुरू करने के लिए 'ईंधन पर्याप्‍तता' विषय के साथ नई दिल्‍ली में एनटीपीसी आयोजित अंतर्राष्‍ट्रीय विद्युत संयंत्र प्रचालन और अनुरक्षण सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि एनटीपीसी ने अनेक चुनौतियां और संकट देखे हैं और इस समयावधि के दौरान बेहतर संगठन बनकर उभरा है। श्री गोयल ने आगे कहा कि यह उनका लक्ष्‍य है कि एनटीपीसी को अगले 5 वर्षों में सबसे मूल्‍यवान कंपनी बनाया जाए और सभी कर्मचारियों से इसे चुनौती के रूप में लेने और जन समूह को सस्‍ती और गुणवत्ता वाली विद्युत प्रदान करने की व्‍यक्तिगत वचनबद्धता के लिए अनुरोध किया।




एनटीपीसी के संस्‍थापक अध्‍यक्ष, श्री डी. वी. कपूर, केन्‍द्रीय विद्युत विनियामक आयोग के सदस्‍य श्री ए. एस. बख्‍शी और केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण, भूतपूर्व अध्‍यक्ष, एनटीपीसी के अध्‍यक्ष और प्रबंध निदेशक, डा. अरुप रॉय चौधरी और एनटीपीसी के निदेशक (प्रचालन), श्री के. के. शर्मा ने भी उदघाटन सत्र के दौरान प्रतिभागियों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में, श्री डी. वी. कपूर ने कहा कि एनटीपीसी का सृजन ऐसे समय पर विद्युत उत्‍पादन बढ़ाने के लिए किया गया था जब भारत अत्‍यधिक विद्युत की कमी का सामना कर रहा था। उन्‍होंने आगे कहा कि एनटीपीसी ने चुनौती को स्‍वीकार किया और अत्‍यधिक कुशल कंपनी के रूप में उभरी जिसने विद्युत क्षेत्र के लिए बैंचमार्क तय किये। उन्‍होंने संगठन की सफलता के लिए इंजीनियरिंग, वित्त और एचआर सर्विसेस की भूमिका की सराहना की।




श्री ए. एस. बख्‍क्षी ने अपने संबोधन में एनटीपीसी को राष्‍ट्र का गौरव कहा जिसने क्षेत्र में अभिनव कार्यव्‍यवहारों तथा परंपराओं को स्‍थापित किया। उन्‍होंने कहा कि सम्‍मेलन का प्रयोजन अपने अनुभवों की संपदा को एक दूसरे के साथ साझा करना और सीखना है।

एनटीपीसी के सीएमडी, डॉ. अरुप रॉय चौधरी, ने विद्युत उत्‍पादन की लागत को कम करने के लिए कुशलता में उतरोत्तरसुधार की जरूरत पर बल दिया। उन्‍होंने कहा कि ईंधन और जल दुर्लभ हैं और इन दोनों के विवेकपूर्ण उपयोग के संदर्भ में और इन जैसे मंचों में सिंहावलोकन की जरूरत है। आप पुरानी अनावश्‍यक प्रथाओं को हटाने, सभी विद्युत स्‍टेशनों में अधिक कुशल प्रथाओं की जरूरत पर बोले। श्री के. के. शर्मा ने एकत्रित लोगों को सबसे बड़ी चुनौती के रूप में पर्यावरण और ईंधन का उल्लेख करते हुए कुशल उत्‍पादन के लिए एनटीपीसी की प्रतिबद्धता के लिए आश्‍वस्‍त किया।

इस सम्‍मेलन में यूएसए, जर्मनी, चीन, जापान, आस्‍ट्रेलिया से विद्युत उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ-साथ घरेलू उद्यमियों जैसे टाटा पावर, अदानी समूह, जीएमआर समूह और बहुत सी राज्‍य क्षेत्र की विद्युत कंपनियों से 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विद्युत क्षेत्र के हितधारक जैसे भारतीय रेलवे, केन्‍द्रीय जल आयोग, केन्‍द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, टीईआरआई जैसे विनिर्माता और जीई, एलस्‍टोम, हिताची, तोशिबा, मेकान आदि सेवा प्रदाताओं ने भाग लिया। सम्‍मेलन के दौरान सात (7) अंतर्राष्‍ट्रीय पेपर और तिरासी (83) घरेलू तकनीकी पेपर प्रस्‍तुत किए गए।


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