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प्रेस विज्ञप्ति

एनटीपीसी- कोलडेम पनबिजली परियोजना विद्युत उत्पादन के निकट

19th दिसम्बर, 2013

कोलडेम जल पन बिजली परियोजना के जलाशय के भराव के शुरू होने के साथ एनटीपीसी की फ्लैगशिप कोलडैम पनबिजली परियोजना वर्ष 2014-15 तक विद्युत उत्पादन के लिए तैयार हो जाएगी। 800 मेगावाट की संस्थापित क्षमता के साथ कोलडेम परियोजना उत्तरी ग्रिड को बहुप्रतीक्षित उच्चतम क्षमता प्रदान करेगी और 90 प्रतिशत विश्वसनीय वार्षिक आधार पर वार्षिक रूप से 3054 जीडब्ल्यूएच विद्युत उत्पादित करेगी। एनटीपीसी ने दिसम्बर, 2003 में मुख्य बांध पैकेज दिए जाने और जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश में सतलुज नदी पर प्राैद्यो-आर्थिक स्वीकृति (टीईसी) के पश्चात् अपने पहले पन-बिजली उद्यम-कोलडेम पन-बिजली विद्युत परियोजना का कार्यान्वयन शुरू किया।

Koldam Hydro Project

जलाशय को भरने के उदघाटन के पश्चात्, एनटीपीसी के सीएमडी डॉ. अरूप राय चौधरी, ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की और उनको कुछ और समय के लिए उसी उत्साह को जारी रखने के लिए और अतिशीघ्र परियोजना को स्ट्रीम में लाने के लिए प्राेत्साहित किया। इस अवसर पर श्री एन.एन. मिश्रा, निदेशक (प्रचालन), श्री ए.के. झा, निदेशक (तकनीकी), श्री एस.सी. पाण्डेय, निदेशक (परियोजना), श्री वी.के. गुप्ता, कार्यपालक निदेशक (पनबिजली) और श्री ए.के. नंदा, महाप्रबंधक (कोलडेम) उपस्थित थे। भूवैज्ञानिक आश्चर्यों और पर्यावरणीय मुद्दों के कारण परियोजना को अपने निर्माण के दौरान बहुत सी चुनौतियों का सामना किया।

कोलडेम की टीम के समर्पण और प्रतिबद्धता से जलाशय भराव करना शुरू करने के साथ परियोजना पूरी होने के निकट है, जिसके 10-11 महीनों में पूरा होने की आशा है।

कोलडेम परियोजना ब्यास सतलुज लिंक परियोजना (बीएसएल)के देहर पावर हाउस के 6 किलोमीटर अपस्ट्रीम पर स्थित है।

परियोजना की बहुत सी अद्वितीय विशेषताएं जैसे डायवर्सन संरचना, 163 मीटर ऊँचा राक फिल बांध, स्पील वे,डिकेंटिंग चेम्बरपावर हाउस और स्विचयार्ड हैं। कोलडेम के लिए संबद्ध पारेषण प्रणाली वर्तमान में पावर गिड कारपोरेशन आफ इंडिया लि. द्वारा विकसित की जा रही है। सतलुज नदी में -स्थित उच्च गाद अंश पर विचार करते हुए जलाशय का जीवन 30 वर्ष होने की आशा है।

कोलडेम परियोजना की लागत दिसम्बर, 2001 मूल्य स्तर (आईडीसी को छोड़कर)पर 4527.15 करोड़ रूपए है। परियोजना हिमाचल प्रदेश (नि:शुल्क 12 प्रतिशत, 15 प्रतिशत बस बार टैरिफ पर और गिड आवंटन का 2.75 प्रतिशत) के लिए विद्युत प्रदान करेगी और शेष विद्युत भारत सरकार के आवंटन के अनुसार उत्तरी ग्रिड के राज्य विद्युत मंडलों को प्रदान करेगी।

वर्तमान में, एनटीपीसी कोलडेम में 800 मेगावाट के साथ तपोवन विष्णुगाड में 520 मेगावाट, लता तपोवन में 171 मेगावाट लगभग 1500 मेगावाट पनबिजली क्षमता, और सिंगरौली में 8 मेगावाट के संयंत्र का निर्माण कर रहा है। एनटीपीसी के 16 कोयला आधारित, 7 गैस आधारित, 6 संयुक्त उद्यम केन्द्रों और दो नवीकरणीय परियोजनाओं की कुल संस्थापित क्षमता 42524 मेगावाट है। एनटीपीसी ने देश में विद्युत के वर्ष 2012-13 में भारत की संस्थापित क्षमता में लगभग 19 प्रतिशत का योगदान दिया लगभग 28 प्रतिशत का योगदान दिया।


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