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प्रेस विज्ञप्ति

एनटीपीसी को महारत्न दर्जा

20th मई, 2010

भारत सरकार, लोक उद्यम विभाग, भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्रालय ने 19 मई, 2010 के कार्यालय ज्ञापन द्वारा तीन अन्य केंद्रीय सरकारी उद्यमों के साथ-साथ एनटीपीसी को महारत्न का दर्जा प्रदान किया है । वर्तमान में, एनटीपीसी के बोर्ड में गैर-सरकारी निदेशक अपेक्षित संख्या में हैं । अतः केवल एनटीपीसी ही प्रत्यायोजित महारत्न शक्तियों का प्रयोग करने का पात्र है ।

महारत्न का दर्जा दिए जाने के परिणामस्वरूप, एनटीपीसी के निदेशक बोर्ड का अन्य बातों के साथ-साथ, भारत में या विदेशों में वित्तीय संयुक्त उद्यम और पूर्ण स्वामित्वाधीन सहायक कंपनियां स्थापित करने और विलय एवं अर्जन करने हेतु निवल संपत्ति की 15औ की अधिकतम सीमा के अधीन किंतु एक परियोजना में 5000 करोड़ रुपए की सीमा तक ईक्विटी निवेश करने की शक्ति प्राप्त होगी जबकि पहले यह सीमा 1000 करोड़ रु. की थी ।

महारत्न शक्तियों का प्रयोग भारत सरकार द्वारा समय-समय पर नवरत्न केंद्रीय सरकारी उद्यमों के संबंध में निर्दिष्ट शर्तों एवं मार्ग-निर्देशों के अधीन किया जाएगा ।

देश की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादक कंपनी एनटीपीसी की वर्तमान में संस्थापित क्षमता लगभग 31,000 मेगावाट की है । इस समय एनटीपीसी 26 पावर स्टेशनों का प्रचालन करता है । इस समय 12 राज्यों में 19 परियोजनाओं में लगभग 17,000 मेगावाट की क्षमता निर्माणाधीन है और वर्ष 2017 तक एनटीपीसी की योजना 75 मेगावाट होने की है ।


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