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प्रेस विज्ञप्ति

एनटीपीसी परियोजना के आने से कुड़गी और सोलापुर विद्युत केंद्र बन जाएंगे

02nd जून, 2012

कर्नाटक के कुड़गी और महाराष्ट्र के सोलापुर में विद्युत संयंत्र स्थापित करने हेतु देश की अग्रणी विद्युत कंपनी एनटीपीसी के आने से दोनों स्थान राष्ट्र के विद्युत और औद्योगिक केंद्र बन जाएंगे।

एनटीपीसी परियोजना के आने से कुड़गी और सोलापुर विद्युत केंद्र बन जाएंगे

कर्नाटक के बीजापुर जिले में एनटीपीसी की 3x800 मेगावाट कुड़गी सुपर थर्मल विद्युत परियोजना का शिलान्यास करते हुए केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री सुशील कुमार शिंदे ने यह बातें कहीं। श्री डी. वी. सदानंद गोवडा, कर्नाटक के मुख्य मंत्री और श्री के. सी. वेणुगोपाल, केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

इस अवसर पर बोलते हुए कर्नाटक के मुख्य मंत्री श्री डी. वी. गोवडा ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्होंने इस परियोजना के लिए कोयले की आपूर्ति संबंधी व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।

अपने सम्बोधन में केंद्रीय कारपोरेट कार्य मंत्री, डा. एम. वीरप्पा मोइली ने कहा कि सरकार केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर देश की ऊर्जा की मांग को सर्पोटिव नजरिए से देख रही है और उन्होंने अपनी परियोजनाओं और राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के जरिए देश की विद्युत आवश्यकताओं को पूरी करने में एनटीपीसी की भूमिका की सराहना की। केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री, श्री के. सी. वेणुगोपाल ने कहा कि परियोजना में प्रयुक्त होने वाली सुपर क्रिटिकल प्रौद्योगिकी स्वच्छ ऊर्जा उत्पादित करेगी और देश के विकास में सहायक होगी।

कुड़गी एनटीपीसी की पहली 800 मेगावाट वाली सुपर क्रिटिकल परियोजना होगी और इस परियोजना से उत्पादित बिजली कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल जैसे दक्षिणी राज्यों को दी जाएगी।

इस दिन बाद में श्री शिंदे ने सोलापुर की सुपर थर्मल विद्युत परियोजना (2x660 मेगावाट) के मुख्य सिविल निर्माण कार्य का शुभारंभ किया और सोलापुर विद्युत और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने सोलापुर में सिपती (सोलापुर पावर एंड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट) आवासीय परिसर के सिविल निर्माण कार्य का भी उदघाटन किया। सिपती अत्याधुनिक आईटीआई होगा, जिसमें वेल्डिंग इलेक्ट्रिशियन, इन्स्ट्रूमेंट मेकनिक ट्रेड की कार्यशालाएं होंगी, कम्प्यूटर लैब और बैठक कक्ष होंगे। इस संस्थान से क्षेत्र की व्यावसायिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी और स्थानीय युवकों की रोजगार की संभावना सुनिश्चित होगी।

अपने सम्बोधन में श्री अरूप रॉय चौधरी, सीएमडी, एनटीपीसी ने कहा कि एनटीपीसी अत्याधुनिक विद्युत संयंत्रों के माध्यम से राष्ट्र के लिए गुणवत्तापूर्ण विद्युत उत्पादन करने हेतु वचनबद्ध है।

एनटीपीसी भारत का सबसे बड़ा विद्युत उत्पादक संस्थान है, और देश की विद्युत आवश्यकता को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और देश के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में सहयोग दे रहा है। एनटीपीसी की वर्तमान स्थापित क्षमता (संयुक्त उपक्रम के जरिए 4364 मेगावाट सहित) 38014 मेगावाट है, इसके 16 कोयला केंद्र, 7 कम्बाइन्स सायकल गैस/द्रवित ईंधन केंद्र और 7 जी वी केंद्र (6 कोयला आधारित और 1 गैस आधारित) हैं। एनटीपीसी 2032 तक 1,28,000 मेगावाट कंपनी बनने की योजना बना रही है।


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