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प्रेस विज्ञप्ति

एनटीपीसी फाउंडेशन और गुवाहाटी विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित आईसीटी सैंटर का उद्घाटन विकलांग विद्यार्थियों को सूचना प्रौद्योगिकी कौशल प्रदान करने की दिशा में एक पहल

05th जनवरी, 2012

एनटीपीसी ने बुधवार को गुवाहाटी विष्वविद्यालय के विकलांगता अध्ययन विभाग में सूचना प्रौद्योगिकी केन्द्र शुरू किया। इस केन्द्र को शुरू करने के पीछे उद्देष्य है निःशक्त विद्यार्थियों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र के उच्च षिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना। केन्द्र का उद्घाटन करते हुए राज्य बिजली मंत्री प्रद्युत बारदोलोई ने कहा ‘‘आज का दिन स्मरणीय है क्योंकि यह केन्द्र विकलांग विद्यार्थियों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उच्च षिक्षा प्राप्त करने में सहायक होगा।’’ उन्होंने आगे कहा कि आईसीटी सैन्टर अपने यहाँ उपलब्ध आघुनिकतम साफ्टवेयर और उपकरणों के माध्यम से समाज के शरीरिक रूप से विकलांग विद्यार्थियों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों द्वारा क्षमता - निर्माण में सहायता प्रदान करेगा। हमारे देष में लगभग 2 करोड़ 10 लाख लोग विकलांग हं, उन्हें प्रषिक्षित कर तैयार करने और साथ ही कार्पोरेट जगत से आगे आकर इस महान कार्य में योगदान के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है।

इस सैंटर में अनेक सहायक उपकरणों और साफ्टवेयर सहित कम्प्यूटर होंगे ताकि दृष्टि से निःशक्त विद्यार्थी कम्प्यूटर चलाने में सक्षम हो सकें। फिलहाल, कम्प्यूटर ज्ञान में एक पाठ्यक्रम और विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी में एक फाउंडेशन पाठ्यक्रम शुरू किए जा चुके हैं और लगभग 20 विद्यार्थी इन पाठ्यक्रमों में पहले ही नामांकन करा चुके हैं। इस अवसर पर श्री ओ के मेधी, उपकुलपति, गुवाहटी विश्वविद्यालय ने कहा, ’’विकलांग लोगों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करने का कोई अवसर नहीं है और उनकी शिक्षा केवल स्कूल स्तर तक सीमित रह जाती है। इसलिए हम उन्हें विज्ञान और प्रौद्योगिकी में आगे बढ़ने का अवसर देना चाहते थे। फिलहाल, हमने दो पाठ्क्रम शुरू किए हैं, लेकिन आने वाले वर्षों में हमारी अपने पाठ्यक्रमों में विविधता लाने की योजना है। यही नहीं, हमारी आगामी योजना विकलांग वद्यार्थियों के लिए विज्ञान में पीएच डी. शुरू करने की भी है। फिलहाल, हम कदम दर कदम आगे बढ़ रहे हैं।’’

विकलांगता अध्ययन विभाग के प्रधान श्री किशोर मोहन भट्टाचार्य ने कहा, ’’एनटीपीसी ने यह एक महत्वपूर्ण पहल की है और हम आशा करते हैं कि विद्यार्थियों को विज्ञान प्रौद्योगिकी में आगे बढ़ने का उचित अवसर मिलेगा।’’

एनटीपीसी फाउंडेशन की कोर्स को-आर्डिनेटर सुश्री चित्राणी मेधी ने विचार व्यक्त किया, ’’निःशक्त विद्यार्थियों के लिए कम्प्यूटर चलाना तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी एक अत्यधिक चुनौतीपूर्ण कार्य है। अतः, यह सैंटर नई प्रौद्योगिकी सीखने में उनकी मदद करेगा।’’

एनटीपीसी लिमिटेड के निदेशक (मानव संसाधन) श्री एस.पी. सिंह ने उक्त अवसर पर बोलते हुए कहा कि एनटीपीसी अपने प्राजैक्ट और स्टेशनों के आसपास अनेक सामुदायिक विकास कार्यों में पहल करने के अलावा अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों को पूरा करने में भी आगे रहा है।

कार्यकारी निदेशक (आर एण्ड आर, सीएसआर एवं एनटीपीसी फाउंडेशन) श्री एन. के. शर्मा ने अपने सम्बोधन में कहा कि एनटीपीसी शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आधारभूत संरचना के विकास के क्षेत्र में सामुदायिक विकास कार्यकलापों से शुरू से ही जुड़ा हुआ है।

एनटीपीसी फाउंडेशन आईसीटी सैंटर के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएँ प्रदान कर रहा है जो निःशक्त विद्यार्थियों के लाभ के लिए विशेष साफ्टवेयर और हार्डवेयर से युक्त है। शारीरिक रूप से निःशक्त व्यक्तियों और समाज के हाशिये पर रह रहे लोगों को सशक्त बनाने में प्रयासरत एनटीपीसी फाउंडेशन की स्थापना सन् 2004 में की गई थी। फाउंडेशन की, दृष्टि विकलांग विद्यार्थियों को सूचना प्रौद्यागिकी में सक्षम बनाने की पहल से देश में विभिन्न स्थानों पर 1600 से अधिक विद्यार्थी लाभ उठा चुके हैं।

एनटीपीसी फाउंडेशन और गुवाहाटी विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित आईसीटी सैंटर का उद्घाटन विकलांग विद्यार्थियों को सूचना प्रौद्योगिकी कौशल प्रदान करने की दिशा में एक पहल

असम के विद्युत मंत्री श्री प्रद्युत बारदोलोई गुवाहाटी विश्वविद्यालय में एनटीपीसी आईसीटी सैंटर का उद्घाटन करते हुए। एनटीपीसी के निदेशक (मानव संसाधन) श्री एस. पी. सिंह तथा विश्वविद्यालय एवं एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ दिखाई दे रहे हैं। इस प्रशिक्षण केन्द्र का उद्देश्य है विकलांग विद्यार्थियों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना।


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