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प्रेस विज्ञप्ति

विधुत क्षेत्र के समग्र व त्वरित विकास के लिये सरकार संकल्पबध्द ज्योतिरादित्य : सिंधिया

13th फ़रवरी, 2013

केन्द्रीय विधुत राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि सरकार मुलमूत ढांचे के त्वरित विस्तार विशेषकर विधुत क्षेत्र में निरंतर विकास के लिये कटिबद्ध है। एन. टी. पी. सी द्वारा अंर्तराष्ट्रीय ओ. एड. एम (आपरेशन व मेन्टेनेन्स) कान्फ्रेन्स का शुभारंभ करते हुए श्री सिंधिया ने सरकार की संकल्पबद्धता को दोहराया। एन. टी. पी. सी का यह आयोजन हर वर्ष संस्थान की प्रथम विधुत इकार्इ (200 मेगावाट) को वर्ष 1982 में आरंभ किये जाने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाता रहा है। इस वर्ष कान्फ्रेन्स की थीम - र्इधन व दक्षता के लिए निरंतर विकास के लिये रणनीति रखी गर्इ है।

श्री सिंधिया ने कहा कि लोगो को प्रतिस्पर्धी लागत पर विधुत की उपलब्घता के लिए हमें अग्रसक्रिय होना पड़ेगा ताकि आने वाले समय में अपवादों को छोड़कर “उत्कृष्ट से भी आगे” के मान दण्डों पर कार्य निष्पादकता प्राप्त की जा सके। श्री सिंधिया ने इस बात का विशेष उल्लेख किया कि एन. टी. पी. सी द्वारा सिंगरौली में 13 फरवरी 1982 को 200 मेगावाट की पहली इकार्इ से विधुत उत्पादन के युग में प्रवेश करने की महत्वपूर्ण उपलबिध हम सभी के लिये गर्व का विषय हैं।

इस अवसर पर एन. टी. पी. सी के प्रबंध निदेशक श्री अरुप राय चौधरी ने बताया कि सिंगरौली की यह श्रेष्ठ विधुत इकार्इ 100 प्रतिशत की उपलब्धता के साथ 93 प्रतिशत के पी. एल. एफ. पर प्रचालित हो रही है। आपने कहा कि एन. टी. पी. सी की उत्कृष्ट प्रचालन पध्दतियां देश में विधुत सेक्टर के लिये एक मान दण्ड बन रही है, क्योंकि एन. टी. पी. सी हमेशा ही अभिनव कार्य पद्धतियो को प्रोत्साहित करने में विश्वास रखता आया है।

Jyotiraditya Scindia

Expansion of Power sector

Sustainable Growth-Strategies

इस कार्यक्रम में उत्कृष्ट व्यावसायिक माडल पर आधारित प्रचालन व्यवहारों व पद्धतियो में श्रेष्ठता के लिये एन. टी. पी. सी के कोरबा, तालचर थर्मल व फरीदाबाद विधुत संयंत्रों को श्री सिंधिया द्वारा एवार्डस प्रदान किये गए। विधुत मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री अशोक लवासा, केन्द्रीय विधुत प्राघिकरण के अघ्यक्ष श्री ए. एस. बख्शी व एन. टी. पी. सी के निदेशक, प्रचालन श्री एन. एन. मिश्रा ने भी कान्फ्रेन्स को संबोधित किया। इस कान्फ्रेन्स का उद्देश्य सेक्टर में बदलाव के संकल्पों को अंगीकृत करने व चुनौतियों का सामना करने की कोशिशों को समर्थन देने के एन. टी. पी. सी के संकल्प को दोहराना है। इस वर्ष इस कान्फ्रेन्स में अमेरिका आस्ट्रेलिया, कोरिया, जापान आदि देशो से लगभग 12 पेपर्स प्रस्तुत हाने की अपेक्षा है। इसके अतिरिक्त देश के अग्रणी विधुत संस्थानों टाटा पावर, जिन्दल पावर, रिलायन्स पावर, लेन्को, सीमेन्स, एन. एल. सी., नैवेली, भेल, सी. र्इ. ए., सी., पी. आर. आर्इ., सी. पी. सी. बी., आर्इ. आर्इ. टी. दिल्ली व एन. टी. पी. सी. से लगभग 30 पेपर्स प्रस्तुत किये जायेंगें।

कान्फ्रेन्स में हुए विचार - विमर्श के दौरान प्राप्त फीड बैक से प्लांटस की ओ. एड. एम. लागत को कम करने तथा प्लांट के एमिशन लेवल (उत्कर्ष हाने वाले तत्वों का स्तर) को न्यूनतम स्वीकार्यता के स्तर पर लाने में उपयोगी होंगे। इन तथ्यों पर विस्तृत विचार - विमर्श के पश्चात पावर सेक्टर में कि्रयान्वयन के लिए एक निशिचत कार्य योजना बनार्इ जायेगी। कान्फ्रेन्स के कार्यवृतो पर अंर्तराष्ट्रीय विशेषज्ञों से सलाह मशविरे को भी सभी प्रतिभगियों को ग्राहय करना लक्षित रखा गया है ताकि उनके ज्ञान भंडार को और भी समृद्ध बनाया जा सके।

एन. टी. पी. सी. वर्तमान में 39,674 मेगावाट की विधुत उत्पादन क्षमता को प्रचालित कर रही है तथा वर्ष 2032 तक मिश्रित इंधन मिक्स के साथ 128 गीगावाट की क्षमता वाली कंपनी बनने के लिए दीर्ध कालीन योजना पर कार्य कर रही है।


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