मीडिया

प्रेस विज्ञप्ति

9 सितम्बर 2010 को राष्ट्रीय राजधानी ताप विद्युत परियोजना, दादरी, चरण-2 राष्ट्र के नाम समर्पित

10th सितम्बर, 2010

श्रीमती सोनिया गांधी का भाषण

सुशील कुमार शिंदे जी,
भारत सिंह सोलंकी जी,
संसद सदस्य,
श्री उमा शंकर,
श्री अरूप रॉय चौधरी,
देवियों और सज्जनों,

मुझे आज यह प्रतिष्ठित विद्युत परियोजना राष्ट्र को समर्पित करते हुए गौरव का अनुभव हो रहा है। दादरी विद्युत स्टेशन के दूसरे चरण में राष्ट्र मंडल खेलों को विद्युत आपूर्ति के लिए निर्दिष्ट किया गया है और यह अत्यंत गर्व का विषय है कि इसे 39 माह के रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है। मैं उन सभी को बधाई देती हूं जिन्होंने इस परियाजना का सृजन और इसे पूर्णता प्रदान की।

एनटीपीसी का जन्म सत्तर के दशक में विद्युत क्षेत्र में प्रबंधन और प्रौद्योगिकीय उत्कृष्टता लाने के लिए इंदिरा जी की वचनबद्धता से हुआ। तब से यह एक विश्वस्तरीय कंपनी के रूप में उभरी है। मैं कंपनी की असाधारण पूर्णताओं के लिए एनटीपीसी के वर्तमान और पूर्व, पूरे परिवार को बधाई देती हूं। इस परियोजना की दोनों इकाइयों की कमिशनिंग अनुसूचित समय से पहले हो गई, जिससे अपने कार्य और जिम्मेदारियां एवं हमारे देश के लोगों को बिजली प्रदान करने के प्रति आपकी वचनबद्धता प्रकट होती है।

मुझे यह जानकर भी खुशी है कि एनटीपीसी पर्यावरण के प्रति उपयुक्त चिंता प्रदर्शित करती है और यह कि इस क्षेत्र में दादरी संयंत्र एनटीपीसी की वचनबद्धता को दर्शाता है। हमें अपने किसानों, हमारे कारखानों और हमारे लोगों की बढ़ती जरूरतें पूरी करने के लिए विभिन्न स्रोतों से और अधिक विद्युत उत्पन्न करने की जरूरत है। आर्थिक वृद्धि अधिक विद्युत उत्पादन और खपत पर निर्मित होती है। इसी के साथ हमें स्थायी विकास सुनिश्चित करने के लिए पर्यावरण को सुरक्षित रखना चाहिए। हम इसके लिए जो भी रास्ता अपनाएं हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि स्वच्छ हवा स्थायी है और हमें सदियों से पोषण देती आई है। हमारे पास आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे संरक्षित करने का दायित्व है।

मैं भूमि अधिग्रहण के विषय में भी कुछ कहना चाहूंगी। नए उद्योग और नए मूलसंरचना भूमि के अधिग्रहण के बिना निर्मित नहीं किए जा सकते। यह एक स्पष्ट बात है। परन्तु भूमि अधिग्रहण इस प्रकार किया जाता है कि इसके परिणामस्वरूप उपजाऊ तथा उत्पादक कृषि भूमि के बड़े हिस्सों की हानि नहीं होनी चाहिए ताकि हमारे लोगों के लिए आवश्यक खाद्यान्न के उत्पादन पर कोई प्रभाव न पड़े। यदि किसानों को अपनी भूमि आधारित आजीविका से वंचित करने की अनिवार्यता है तो उन्हें इसके लिए पर्याप्त मुआवज़ा और वैकल्पिक व्यवसाय दिए जाने चाहिए। हरियाणा जैसे कुछ राज्यों में इस विषय में प्रगतिशील विधान है। अन्य राज्यों को भी इस प्रकार के कदम उठाने चाहिए।

हमारी अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। यहां निर्धनता है और अनिवार्य सेवाएं जैसे बिजली को हमारे सभी छोटे गांवों और घरों तक पहुंचाया जाना है। हमारी अधिकांश आबादी अब भी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। यह हमारी बाध्यता है हम सुनिश्चित करें कि हमारी आबादी के सभी वर्गों को वहनीय विद्युत प्रान की जाती है। यह भी स्पष्ट है कि यदि हमें अपनी आर्थिक वृद्धि की कमी बनाए रखनी है और लोगों को निर्धनता से बाहर लाना है तो विद्युत क्षेत्र को इसका नेतृत्व करना होगा।

श्री शिंदे जी ने उल्लेख किया है कि उनके मंत्रालय ने 11वीं योजना के दौरान 62,000 मेगावॉट से अधिक विद्युत जोड़ने का चुनौतीपूर्ण कार्य किया है, एक ऐसा लक्ष्य जो 10वीं योजना के दौरान जोड़ी गई क्षमता से कम से कम 3 गुना अधिक है। एक अच्छी शुरूआत की गई है और हम इस लक्ष्य को पाने के मार्ग पर हैं। यह अत्यंत महत्व का कार्य है क्योंकि राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (आरजीजीवीवाय) का महत्वाकांक्षी लक्ष्य हमारे सभी गांवों में विद्युत प्रदान करना है। न केवल इतना - विद्युत की आपूर्ति भरोसेमंद और लगातार भी होनी चाहिए।

हमारी भावी आवश्यकताएं यह अनिवार्य बनाती हैं कि हम ऊर्जा के स्वच्छ और नवीकरणीय स्रोतों पर अधिक ध्यान दें। अब संसद ने सिविल न्यूक्लियर देयता विधेयक पारित किया है, भारत अपनी बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में सहायता हेतु नाभिकीय विद्युत में निवेश करने की स्थिति में है। मुझे ज्ञात है कि एनटीपीसी नाभिकीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रवेश करने की तैयारी कर रही है। यह पवन और सौर ऊर्जा की उयोगिता को बड़े पैमाने पर विस्तारित करने के कदम भी उठा रही है। यह नवाचार और निष्पादन की संस्कृति के लिए एक योगदान है।

मैं एक बार फिर आप सभी को शुभकामनाएं देती हूं। मुझे विश्वास है कि आप राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य को पूरा करने के साथ उन उच्च आकांक्षाओं को भी पूरा करेंगे जो इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में देश को आपसे हैं। इन शब्दों के साथ मैं एनटीपीसी दादरी चरण-2 विद्युत परियोजना राष्ट्र को समर्पित करती हूं।

धन्यवाद,


जय हिंद!


« पीछे प्रेस विज्ञप्ति