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प्रेस विज्ञप्ति

वित्तीरय वर्ष 2016 में एनटीपीसी के केंद्रों द्वारा रिकॉर्ड विद्युत उत्पाटदन

01st अप्रैल, 2016

भारत की सबसे बड़ी विद्युत उत्पानदक कंपनी एनटीपीसी ने वित्ती य वर्ष 2015-16 में अब तक का सर्वाधिक 241.98 बिलियन यूनिट्स का (जेवी को छोड़कर) वार्षिक उत्पारदन दर्ज किया है। कंपनी ने 2255 मे.वा. की अतिरिक्तस क्षमता जोड़कर अपने क्षमता संवर्द्धन को लक्ष्यद से आगे ले जाकर 31 मार्च 2016 को एनटीपीसी समूह की कुल संस्थाापित क्षमता को बढाकर 46653 मे.वा. कर लिया। एनटीपीसी के सौर केंद्रों ने 16.64% की सीयूएफ से अब तक का सर्वाधिक 160.8 मिलियन यूनिट्स का विद्युत उत्पानदन किया। कंपनी के चार कोयला आधारित विद्युत संयंत्र इस अवधि के दौरान पीएलएफ की दृष्टिन से देश के अग्रणी 5 संयंत्रों में शामिल रहे।

कंपनी ने इस वर्ष के दौरान 25000 करोड़ रूपए के पूंजीगत व्यपय अपने सर्वोच्चे लक्ष्ये को प्राप्ते किया तथा देयताओं की 100% वसूली भी की। इसके पाकरी बरवाडीह खदान में कोयला खनन कार्य भी शीघ्र प्रारंभ हो जाएगा। कंपनी ने विगत वर्ष के दौरान 16.38 (एमएमटी) मिलियन मीट्रिक टन की अपेक्षा इस वर्ष 9.47 एमएमटी मिलियन मीट्रिक टन कोयले की खपत द्वारा आयातित कोयले की खपत में 42.19% की कमी की है।

वित्तीसय वर्ष 2016 के उत्तंरार्द्ध में कंपनी के कोयला लिंकेज को सुसंगत बनाने के प्रयासों, आयातित कोयले के उपयोग में कमी, कोयले की तृतीय पक्ष सैंपलिंग को लागू करने तथा अन्यक उपायों के कारण कोयला आधारित विद्युत संयंत्रों के ऊर्जा प्रभारों में करीब 20% की कमी आई है। डिस्कॉकम की मदद करने के लिए एनटीपीसी उर्जा प्रभारों में और कमी लाने का प्रयास करेगा।

चालू योजना के दौरान 9550 मे.वा. की अतिरिक्तम क्षमता के साथ एनटीपीसी वर्ष 2016-17 को समाप्तो 12वीं पंचवर्षीय योजना के लिए 11920 मे.वा. के लक्ष्यस को प्राप्त- करने के लिए प्रतिबद्ध है।

एनटीपीसी ने इस वर्ष के दौरान हिमाचल में कोलडैम में यूनिट 3 एवं 4-400 मेगावाट, असम में बोगाईगांव यूनिट 1-250 मेगावाट मध्ययप्रदेश में विंध्यालचल यूनिट 13-500 मेगावाट, बिहार में बीआरबीसीएल नबीनगर यूनिट 1-250 मेगावाट, बिहार में कांटी यूनिट 3-195 मे.वा., महाराष्ट्रस में मोउडा यूनिट 3- 660 मेगावाट प्रारंभ की है।

अपनी सीएसआर गतिविधि के अधीन कंपनी स्वकच्छप पेयजल प्रदान करने तथा अपनी परियोजना एवं केंद्र के आसपास रहने वाले लोगों को प्रशिक्षण तथा कौशल विकास पर ध्या न केंद्रित करना जारी रखेगा। जल एटीएम लगाने तथा निम्न लागत वाली दवाओं तक उन लोगों की पहुंच के लिए जेनरिक दवा की दुकानें खोलने के विकल्पों को तलाशा जा रहा है।

वर्तमान में एनटीपीसी के पास 18 कोयला आधारित, 7 गैस आधारित, 8 सौर पीवी, एक जल विद्युत तथा 8 सहायक कंपनी/संयुक्तल उपक्रम वाले विद्युत संयंत्र हैं। कंपनी के पास पूर्णता के विभिन्न चरणों के तहत 24,000 मेगावाट से भी अधिक की विद्युत उत्पानदन क्षमता है ।


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