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प्रेस विज्ञप्ति

भारत विश्‍व की स्‍वस्‍छ ऊर्जा राजधानी बनने के लिए प्रयासरत

04th जून, 2016

विद्युत, कोयला, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्‍यमंत्री (स्व. प्र.), श्री पियूष गोयल ने एनटीपीसी – पीएमआई में आज आयोजित पर्यावरण दिवस के स्‍मरणोत्‍सव में जैव विविधता पर एनटीपीसी पुस्तिका ‘द गुड अर्थ’ का विमोचन और छात्रों के साथ पौधारोपण भी किया। इस अवसर पर उन्‍होंने कहा कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था दिन पर दिन वृद्धि कर रही है और एनटीपीसी इसी तरह सभी भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करता रहेगा। वर्तमान सरकार का मिशन है विद्युत उत्‍पादन के लिए स्‍वच्‍छ प्रौद्द्योगिकियों और नवीकरणीय साधनों के प्रयोग को बढ़ावा देना ताकि भारत को विश्‍व की स्‍वच्‍छ ऊर्जा राजधानी बनाया जा सके। उन्‍होंने लम्‍बे समय से हो रहे वनहृास को रोकने के लिए अत्‍यधिक पौधा रोपण के माध्‍यम से वनाच्‍छादन की आवश्‍यकता पर भी बल दिया। उन्‍होंने प्रतिपूरक वनरोपण निधि (सीएएफ) का प्रयोग करते हुए इसे सुसाध्‍य बनाने का आश्‍वासन दिया। उन्‍होंने एनटीपीसी से अपने पौधारोपण लक्ष्‍य को बढ़ाने और इस क्रियाकलाप के स्‍वामित्‍व को दर्शाने वाले उचित रिकॉर्ड को रखने का आग्रह किया। उन्‍होंने एनटीपीसी को इसके प्रचालन के सभी राज्‍यों में हरित खंडों को पोषित करने का सुझाव दिया।

एनटीपीसी स्‍कूल ऑफ बिज़नेस (एनएसबी) जो इंजीनियरों (60) के लिए प्रबंधन में स्‍नातकोत्‍तर डिप्‍लोमा पाठ्यक्रम संचालित करता है, की भूमिका की सराहना करते हुए श्री गोयल ने कहा कि लम्‍बे समय के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से छात्रों के नामांकन पर विशेष बल देते हुए छात्रों की संख्‍या को बढ़ाया जाए।

श्री गोयल ने कहा कि मेक इन इंडिया और ग्रामीण विद्युतीकरण में प्रगति जैसी सफल स्‍कीमों के चलते विद्युत की मांग कई गुणा बढ़ेगी। उन्‍होंने आगे कहा कि एनटीपीसी ने बड़ी परियोजनाओं को प्रारंभ करने और दक्ष, विश्‍वसनीय और वहनीय तरीके से विद्युत उत्‍पादन करने की अपनी योग्‍यता का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है। उन्‍होंने कहा भारत में विद्युत क्षेत्र पर्यावरण संभरणीयता पर विशेष बल दे रहा है और एनटीपीसी ने अपने विद्युत केन्‍द्रों में और इनके आस-पास पेड़-पौधों और जीव-जन्‍तुओं के संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाई है। आज विमोचित पुस्‍तक में एनटीपीसी के इस दिशा में किए गए दीर्घा‍वधिक प्रयासों को दर्शाया गया है और यह पुस्‍तक सभी निगमों के लिए पर्यावरण की देखभाल करने के लिए प्ररेणादायक होगी।

उन्‍होंने कल एनटीपीसी परिवार को इसके 4670 मेगावाट क्षमता वाले सर्वाधिक बड़े विद्युत केन्‍द्र विंध्‍याचल द्वारा एक दिन में 114 मिलियन यूनिट उत्‍पादन करते हुए 100.05 प्रतिशत पीएलएफ हासिल करने पर बधाई दी।

श्री गुरदीप सिंह, अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने अपने संबोधन में कहा कि एनटीपीसी बड़ी गंभीरता से पर्यावरण संभरणीयता के प्रति प्रतिबद्ध है और इसने पर्यावरण की बेहतरी के लिए अनेक पहलें की हैं। कंपनी अपने प्रचालनों के प्रभाव को कम करने पर विशेष बल दे रही है और पर्यावरण की प्रगतिशील प्रणालियों और पद्धतियों का अनुसरण कर रही है। उन्‍होंने कहा कि हमारे विद्युत केंद्रों के आस-पास हरित पट्टियों और हरित राख टिल्‍लों से हमारा उद्देश्‍य प्रतिबिंबित होता है। एनटीपीसी में कागज रहित कार्यालय और अत्‍यधिक पौधारोपण के साथ-साथ विद्युत सर्जक मशीनों का दक्ष प्रयोग पर्यावरण दिवस के उद्देश्‍य के प्रति हमारा प्रत्‍यक्ष योगदान होगा।

श्री ए.के.झा, निदेशक (तकनीकी), श्री एस.सी. पांडे, निदेशक (परियोजनाएं) और श्री के.के शर्मा, निदेशक (प्रचालन) इस अवसर पर विद्यमान थे।

एनटीपीसी अपनी गहन नवीकरणीय योजनाओं और जैव-विविधता के संरक्षण के माध्‍यम से भारत की हरियाली में वृद्धि की ओर प्रमुख भूमिका अदा करना और अपनी भागीदारी देना चाहता है। कंपनी ने अपनी परियोजनाओं के भीतर और आसपास व्‍यापक क्षेत्रों को कवर करते हुए पौधारोपण का बीडा उठाया है और अभी तक देश भर में लगभग 23 मिलियन पेड़ लगाए हैं। इससे न केवल पर्यावरणीय सौंदर्य में वृद्धि हुई है बल्कि इससे पारिस्थितिकी तंत्र और पर्यावरण की गुणवत्‍ता के संरक्षण के लिए ‘कार्बन सिंक’ के रूप में कार्य करते हुए कार्बन जब्‍ती में भी मदद मिलती है।

Ø काफी टेबल की पुस्तिका ‘‘द गुड अर्थ’’

जैव वि‍विधता पारिस्थितिकी तंत्र के कार्यों और सेवाओं के लिए आधारशिला के रूप में कार्य करती है जो देश की लाखों आजीविकाओं को सहारा प्रदान करती है। एनटीपीसी यह जानता है कि जो कं‍पनियां जैवविविधता संरक्षण को बढ़ावा दे रही हैं वे अत्‍यधिक रूप से अपने स्‍टेकधारकों की विश्‍वसनीय कंपनियां हो जाती हैं और बाजारों में व्‍यवसाय के रणनीतिक अवसरों का विशिष्‍ट रूप से लाभ उठाते हैं। एनटीपीसी से संबंधित जैवविविधता के बारह राष्‍ट्रीय लक्ष्‍यों में आर्थिक और सामाजिक विकास में जैवविविधता संबंधी सरोकरों का एकीकरण, प्रदूषण के प्रभावों को न्‍यूनतम करना, प्राकृतिक संसाधन आधार का संरक्षण और संवर्द्धन शामिल हैं।

जैवविविधता संरक्षण पर लिखित काफी टेबल की पुस्तिका ‘‘द गुड अर्थ’’ एनटीपीसी की ओर से राष्‍ट्रीय लक्ष्‍यों के अनुरूप किए गए समेकित प्रयासों की झलक प्रदान करती है। परियोजनाओं के आसपास व्‍यापक पौधारोपण, राख खंदको का पर्यावरणीय पुनर्वास, हरित पट्टियों, पर्यावरणीय पार्कों, फल उद्यानों, औ‍षधीय पादप उद्यानों, नक्षत्र वाटिका का विकास, कतिपय संकटग्रस्‍त प्र‍जातियों का संरक्षण संरक्षण के उद्देश्‍य के प्रति एनटीपीसी की अतिगहन प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।


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