मीडिया

प्रेस विज्ञप्ति

बैंकॉक में एशिया कप स्टेज-1 में जूनियर तीरंदाजों की जीत

01st अप्रैल, 2019

वैश्विक स्तर पर सफलता प्राप्‍त करने में भारतीय तीरंदाजी संघ के साथ एनटीपीसी द्वारा सहयोग किया गया

नई दिल्ली, 01 अप्रैल 2019: 16 सदस्यीय भारतीय जूनियर तीरंदाजी टीम ने बैंकॉक में हालही में सम्पन्‍न एशिया कप विश्व रैंकिंग तीरंदाजी स्टेज-1 में देश को गौरवान्वित किया। इस प्रतियोगिता में टीम 3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक सहित 7 पदकों जीत के साथ विजयी रही। आज सम्पन्‍न तीरंदाजी सम्‍मेलन में एनटीपीसी लिमिटेड ने तीरंदाजी टीम को विशेष रूप से सहयोग दिया।

भारत के प्राचीन खेल को बढ़ावा देने में एनटीपीसी के सहयोग की तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष श्री बी.वी.पी. राव ने बहुत सराहना की थी। उन्होंने एसोसिएशन को सहयोग देने के लिए आगे आने के लिए एनटीपीसी लिमिटेड का आभार जताया।

जूनियर टीम की अद्भूत सफलता पर बोलते हुए एनटीपीसी के प्रवक्ता ने कहा, ‘’एनटीपीसी लिमिटेड और भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) तीन वर्ष की साझेदारी के लिए एक साथ आए हैं, जिसमें ओलंपिक खेल, एशियाई खेल और तीरंदाजी की अन्य शीर्ष स्तरीय अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक जीतने के लिए खिलाड़ियों को सहयोग देने का साझा दृष्टिकोण है।‘

भारतीय तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष श्री बी.वी.पी. राव ने बैंकॉक में एशिया कप स्टेज-1 में शानदार प्रदर्शन के लिए भारतीय जूनियर तीरंदाजी टीम को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा ‘’यह भारतीय तीरंदाजी के लिए बहुत अच्छा संकेत है और टीमों का मनोबल बढ़ाने के लिए भी उत्कृष्ट माध्‍यम है क्योंकि वे वर्ष 2019 में आयोजित होने वाली युवा विश्व चैम्पियनशिप के लिए बहुत मेहनत कर रहे हैं।‘

जूनियर तीरंदाजी टीम की उपलब्धियों का ब्‍यौरा इस प्रकार है:- 18 वर्ष की आयु-मुस्कान किरार ने अच्छा प्रदर्शन किया और भारत की पदक तालिका में दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक का योगदान दिया। वह 142 के मुकाबले 147 से मलेशियाई तीरंदाजों पर जीत दर्ज करके कंपाउंड महिला वर्ग में "व्यक्तिगत चैंपियन" के रूप में उभरी है। प्री-क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड तीरंदाज को टाई ब्रेकर (143-143) में हराने के पश्‍चात। उन्होंने अविश्वसनीय आत्मविश्वास के साथ बांग्लादेशी तीरंदाज को प्री-क्वार्टर फाइनल में (144-141) से और ईरानी तीरंदाज को (146-144) से सेमीफाइनल में हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।

  • डरावनी तिकड़ी-सिद्धांत गुप्ता, वेदांत अनिल वानखडे और विकास ने कंपाउंड पुरूष डिवीजन में 3 अंक (230 के मुकाबले 233) के अंतर से ईरान से स्वर्ण जीत लिया। इससे पहले उन्होंने सेमीफाइनल में मलेशिया को (229 के मुकाबले 230) और क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया को (231 के मुकाबले 216) से पराजित किया।
  • रिकर्व डुओ - यशदीप भोगे और अंकिता भगत ने म्यांमार को (6-2) से हराकर देश के लिए मिश्रित टीम में एक और स्वर्ण जीतकर शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया। उन्होंने सेमीफाइनल और क्वार्टर फाइनल में क्रमश: चीन (5-4) और मंगोलिया को (5-3) हराया।
  • मुस्कान किरार, संचिता तिवारी और प्रिया गुर्जर की कंपाउंड महिला टीम जिसने सेमीफाइनल तक अच्छी प्रतिस्पर्धा का प्रदर्शन किया था, मलेशियाई टीम से (226 के मुकाबले 230) से हार गई और रजत पदक प्राप्त किया। उन्होंने एक तरफा मैचों में बांग्लादेश (216 के मुकाबले 233) और वियतनाम (208 के मुकाबले 225) की चुनौती का सामना करते हुए सेमीफाइनल और क्वार्टर फाइनल की बाधाएं पार की। अंकिता भक्त, हिमानी और प्रेमलताबेन बैरिया की रिकर्व महिला टीम एक सेट फॉर्मेट (0-6) में एक मजबूत चीनी टीम के खिलाफ फाइनल हार गई और उन्हें रजत से संतोष करना पड़ा। फाइनल में पहुंचने के लिए उन्होंने रूस (6-0) और कजाकिस्तान (5-4) की टीमों को करारी शिकस्त दी।
  • वेदांत अनिल वानखाडे, कंपाउंड मेन सेक्शन में व्यक्तिगत कांस्य पर कब्जा जमाने के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

« पीछे प्रेस विज्ञप्ति