मीडिया

प्रेस विज्ञप्ति

प्रभावी लागत के लिए उत्‍पादकता और कार्यकुशलता बहुत आवश्‍यक है – ए. के. झा, सीएमडी, एनटीपीसी

07th नवम्बर, 2015

7 नवम्‍बर, 2015 को कंपनी के 40 वें स्‍थापना दिवस के अवसर पर एनटीपीसी सीएमडी, श्री ए. के. झा, ने एनटीपीसी परिवार के हर सदस्‍य के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी टीम की सफलता के लिए प्रत्‍येक खिलाड़ी का प्रदर्शन मायने रखता है। एनटीपीसी को एक मूल्‍य आधारित नैतिक राष्‍ट्रीय संस्‍थान बताते हुए उन्‍होंने कहा कि उत्‍पादकता और कार्यकुशलता से एनटीपीसी को बढ़ते ईंधन के बिलों की चुनौती का मुकाबला करने और विद्युत की लागत को कम करने में मदद मिलेगी। उन्‍होंने यह भी कहा कि एनटीपीसी राष्‍ट्र का गौरव और एक विश्‍वस्‍त कंपनी है जो इस क्षेत्र में लागत को कम करने के लिए ईंधन की अदला-बदली, राष्‍ट्रीय सौर मिशन और स्‍वच्‍छ भारत अभियान आदि जैसी सभी नई पहलों में पूरे उत्‍साह के साथ भाग अपनी भागीदार दर्ज करा रही है। स्‍थापना दिवस समारोह के अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन), श्री यूपी पाणि, निदेशक (वित्त) श्री के. बिस्वाल, और निदेशक (प्रचालन) श्री के.के. शर्मा, उपस्थित थे। यह कार्यक्रम सभी परियोजनाओं और क्षेत्रीय मुख्यालयों में कंपनी के लाइव वेबकास्ट के माध्यम से देखा गया।

राष्‍ट्रीय सौर मिशन और आंध्र प्रदेश में स्‍थापित किए जाने वाले 500 मेगावाट के सौर पार्क के लिए 4.63 रुपए प्रति यूनिट की न्‍यूनतम टैरिफ बोली एनटीपीसी को प्राप्‍त होने का उल्‍लेख करते हुए श्री झा ने कहा कि यह इस क्षेत्र में नई शुरुआत है। उन्‍होंने यह विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि एनटीपीसी शीघ्र ही ताप विद्युत क्षेत्र के समान ही सौर ऊर्जा क्षेत्र में भी अग्रणी बन जाएगी इसके लिए हम सभी को दुनिया में सर्वश्रेष्‍ठ विद्युत उत्‍पादक बनने के हमारे लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने के लिए अधिक कठोर परिश्रम और तेजी से काम करने की आवश्‍यकता है।

कंपनी की हाल की सफलताओं का उल्‍लेख करते हुए श्री झा ने कहा कि बेहतर उत्‍पादन के साथ-साथ हमारे वित्‍तीय परिणाम भी अच्‍छे रहे हैं। कोल ब्‍लॉकों के पुनर्आबंटन की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है और पकरी बरवाडीह कोयला खदान के एमडीओ की नियुक्‍ति की गई है। उन्‍होंने 500 मेगावाट की यूनिट 13 का वाणिज्‍यिक प्रचालन समय पर आरंभ करने के लिए विंध्‍याचल टीम की प्रशंसा की।

नई प्रौद्योगिकियों को शामिल किए जाने और उपयोग के बारे में उन्‍होंने बताया कि इस वित्‍तीय वर्ष कुडगी में 800 मेगावाट की प्रथम अल्‍ट्रा सुपर क्रिटिकल यूनिट, भंडारण के साथ सोलर थर्मल जिसके लिए एनटीपीसी का अनुसंधान विभाग नेत्रा आईआईटी मुंबई के साथ सहयोग कर रहा है, जल उपचार और एअर कूलिंग के लिए फ्लू गैस का उपयोग, कार्बन कैप्‍चर और एनटीपीसी की सभी कैंटीनों में सोलर कूकिंग की शुरुआत होने की उम्‍मीद है।


« पीछे प्रेस विज्ञप्ति