मीडिया

प्रेस विज्ञप्ति

एनटीपीसी पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना में 2700 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया

08th अक्टूबर, 2020

एनटीपीसी पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना में खनन कार्य को रोके जाने के कारण से कई स्थानीय लोगो को कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है | अभी तक एनटीपीसी कुल 2700 लोगो को पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना में रोजगार प्रदान कर चुका हैं। माइनिंग प्लान के अनुसार कुल 2,000 लोगों को रोजगार देना है और यह संख्या माइन की पूर्ण उत्पादन क्षमता तक पहुंचने के लिए पर्याप्त है | लेकिन वहीं समाज के प्रति अपना उत्तरदायित्व निभाते हुए एनटीपीसी क्षमता से अधिक रोजगार उपलब्ध करा चुका है।

जब तक क्षमता 15 मिलियन टन से ऊपर नहीं बढ़ती तब तक और अतिरिक्त रोजगार देना संभव नहीं हो पायेगा। कई स्थानीय लोग खनन कार्यों के लिए ट्रक चलाते है और कईयों की गाड़ियाँ भी खनन एवं अन्य कार्यों में जुटी हुई हैं जिससे की उनके घरों का चूल्हा जलता है। खनन कार्य एवं कोयले के ट्रांसपोर्ट में बाधा आने से स्थानीय लोगो को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और वे भी काम ना होने की स्थिति में भुखमरी के कगार पर हैं |

पकरी बरवाडीह गांव में अभी तक करीब 100 एकड़ ज़मीन अधिग्रहित की गई है। बाकी बची 560 एकड़ ज़मीन ईस्टर्न पिट के क्षेत्र में आती है। ईस्टर्न पिट में माइनिंग का कार्य वर्ष 2040 के बाद आरंभ होगा। साथ ही इस पिट का कांट्रेक्ट भी वर्ष 2040 से पहले सुनिश्चित नहीं होगा। इस वक़्त त्रिवेणी का कांट्रेक्ट वर्ष 2043 तक है और वह दाडीकला के मध्य तक समाप्त हो जायेगा। अर्थात पकरी बरवाडीह गांव में अब भू-अर्जन वर्ष 2040 के बाद ही होगा एवम जमीन का भुगतान भी उस समय जो कानून होगा उसके मुताबिक ही होगा। आने वाले 20-25 वर्षों तक भू-मालिक इत्मीनान से खेती कर सकते हैं।

झारखंड सरकार द्वारा जारी किए गए निर्देश "संकल्प" के अनुसार हर भू-विस्थापित को पेंशन देने का प्रावधान भी है जोकि ₹36,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष 30 सालों के लिए है। अभी तक 2500 लोगों को पेंशन की सुविधा मिल चुकी है।

ज्ञात हे कि कुछ निहित स्वार्थ से प्रेरित लोगों के कारण कोयला खनन परियोजना में भू-विस्थापितों को भ्रमित किया जा रहा है | इस वक़्त ग्रामीणों को समझना होगा कि इस धरना प्रदर्शन से उन्हें कोई लाभ नहीं होगा | प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से कोयला ढुलाई व्यापार से जुड़े लोगों और स्थानीय लोगों की कमाई पर भी व्यापक असर पड़ा है तथा हजारों परिवार प्रभावित हो रहे हैं ।


« पीछे प्रेस विज्ञप्ति