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प्रेस विज्ञप्ति

एनटीपीसी न्‍यून लागत और न्‍यून उत्‍सर्जन उपयोगिता बनेगी

07th नवम्बर, 2016

कम्‍पनी के 41वें स्‍थापना दिवस के अवसर पर 7 नवंबर 2016 को कर्मचारियों को संबोधित करते हुए एनटीपीसी के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री गुरदीप सिंह ने कहा कि एनटीपीसी विश्‍व स्‍तर पर शीर्ष बीस कोयला आधारित विद्युत उत्‍पादन कम्‍पनियों में एनटीपीसी कोयला आधारित विद्युत उत्‍पादन क्षमता में तीसरी, पीएलएफ में दूसरी, मशीनों की उपलब्‍धता में तीसरी और विद्युत उत्‍पादन के संबंध में सातवीं सबसे बड़ी विद्युत कम्‍पनी है जो एनटीपीसी परिवार के लिए महान गौरव का विषय है।

विजन – भारत की प्रगति को ऊर्जायित करते हुए विश्‍व की अग्रणी विद्युत कम्‍पनी बनना।
कोर मूल्‍य: इकोमिट – निष्‍ठा,  ग्राहक फोकस, संगठनात्‍मक गौरव, आपसी सम्‍मान और विश्‍वास, नवोन्‍मेष और शिक्षण, पूर्ण गुणवत्‍ता और सुरक्षा।

अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री गुरदीप सिंह ने एनटीपीसी ध्‍वज फहराया और नोएडा स्थित इंजीनियरिंग ऑफिस कॉम्‍पलेक्‍स में 41वें स्‍थापना दिवस के अवसर पर कम्‍पनी के सभी कर्मचारियों को संबोधित किया और इसे वेब-कास्‍ट के माध्‍यम से सभी स्‍टेशनों, परियोजनाओं, क्षेत्रों और सहायक कम्‍पनियों में प्रसारित किया गया था।

कम्‍पनी के सभी कार्यकारी निदेशक – निदेशक (तकनीकी) श्री ए.के. झा, निदेशक (परियोजना) श्री एस.सी. पाण्‍डेय, निदेशक (प्रचालन) श्री के.के. शर्मा, निदेशक (वित्‍त) श्री के. बिशवाल, तथा निदेशक (मा.सं.) श्री एस. रॉय इस अवसर पर उपस्थित थे।

श्री सिंह ने एनटीपीसी का एक बेहतर कम्‍पनी और व्‍यक्तिगत निष्‍पादन के लिए एक शिक्षण संगठन बनने पर जोर दिया। उन्‍होंने एनटीपीसी के विद्युत उत्‍पादन संस्‍थान और अनुसंधान इकाई नेत्रा से एक निर्णायक भूमिका निभाने का आग्रह किया। पर्यावरण प्रबंधन के बारे में बोलते हुए उन्‍होंने कहा कि एनटीपीसी को अपने विद्युत स्‍टेशनों से पर्यावरण पर न्‍यूनतम प्रभाव सुनिश्चित करना और इस नारे को आगे बढ़ाना है कि ‘’क्षेत्र में एक अग्रणी नेतृत्व के तौर पर अपना स्‍थान कायम रखने के लिए न्‍यून लागत न्‍यून उत्‍सर्जन’’। उन्‍होंने कहा कि एनटीपीसी इस वित्‍तीय वर्ष के दौरान एक करोड़ पौधे लगाकर अतिरिक्‍त कार्बन सिंक का सृजन कर रहा है और आगामी तेलंगाना थर्मल पावर परियोजना नवीनतम पर्यावरण मानदंडों का अनुपालन करने वाली सबसे आधुनिकतम होगी।

उन्‍होंने थर्ड पार्टी सैम्‍प‍लिंग और कोयला युक्तिकरण के माध्‍यम से बेहतर गुणवत्‍ता वाला कोयला सुनिश्चित करते हुए कोयले का आयात रोक कर ऊर्जा प्रभारों को कम करने के प्रयासों के बारे में कहा। भारत सरकार की उदय योजना की शुरूआत के साथ वितरण कम्‍पनियों की हालत में सुधार के प्रति अपना विश्‍वास व्‍यक्‍त करते हुए, अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने कहा कि विद्युत की मांग निकट भविष्‍य में बढ़ेगी।

उन्‍होंने कहा कि कोर मूल्‍यों के रूप में सुरक्षा का समावेशन कम्‍पनी के प्रचालनों के सभी क्षेत्रों में सुरक्षित पद्धतियों को सुनिश्चित करने के लिए है। उन्‍होंने 9 सितम्‍बर 2016 को सर्वाधिक उत्‍पादन करने, कोलडैम जलविद्युत परियोजना के निष्‍पादन, पखरी बरवाडीह कोयला खदान पर कार्य की शुरूआत, मसाला बॉंड जारी करने वाली पहली कम्‍पनी बनने, देश में लगभग 18000 मेगावाट परियोजनाओं को सेवाएं प्रदान करने के लिए परामर्शदायी विंग और सीएसआर के अंतर्गत स्‍वच्‍छ भारत अभियान के लिए शौचालयों के निर्माण के लिए टीम एनटीपीसी के प्रयासों की सराहना की।


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