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एनटीपीसी ने सबसे कुशल और पर्यावरण अनुकूल कोयला विद्युत संयंत्र की स्‍थापना के लिए भेल के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर

24th जुलाई, 2019

भारत के सबसे बड़ा पावर उत्‍पादक संस्थान एनटीपीसी लिमिटेड और विद्युत उपकरण निर्माता भेल ने 800 मेगावाट की संयुक्त उद्यम कंपनी बनाने के लिए आज एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

छत्तीसगढ़ के सीपत में एनटीपीसी के मौजूदा पावर प्लांट में टेक्नोलॉजी डेमोस्ट्रेशन प्लांट (टीडीपी)। यह प्रदर्शन संयंत्र उन्नत अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल (एयूएससी) प्रौद्योगिकी पर आधारित होगा जो समकालीन सुपरक्रिटिकल तकनीक पर परिचालन मापदंडों में महत्वपूर्ण सुधार का प्रतीक है। यह संयंत्र दुनिया का सबसे कुशल विद्युत संयंत्र होगा, एक बार यह चालू हो जाने के पश्‍चात, इसके कारण पारंपरिक उप-महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी की तुलना में कार्बन-डाई-ऑक्साइड उत्सर्जन में लगभग 20% की कमी आएगी है।

एनटीपीसी लिमिटेड के सीएमडी, श्री गुरदीप सिंह और भेल के सीएमडी, डॉ. नलिन सिंघल की उपस्थिति में एनटीपीसी लिमिटेड के निदेशक (तकनीकी), श्री पीके महापात्र और भेल के निदेशक (ई,आरएंडडी) श्री कमलेश दास ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर एनटीपीसी और भेल, नीति आयोग, मिशन निदेशालय (एयूएससी) और भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) के कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्‍थित थे।

प्रौद्योगिकी प्रदर्शन पूर्ण पैमाने पर संयंत्र का फलीकरण देश की जलवायु प्रतिबद्धता के लिए एक सशक्‍त प्रमाण होगा क्योंकि यह एक स्वैच्छिक पहल है। यह पेरिस जलवायु समझौते के भाग के रूप में भारत द्वारा किए गए एनडीसी (राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान) को पूरा करने में भी सहयोग देगा। इसके अलावा, बड़ी संख्या में स्पिन ऑफ प्रौद्योगिकियों के विकास, प्रौद्योगिकीविदों के एक बड़े कैडर का विकास, घर में विकसित प्रौद्योगिकियों में विश्वास का निर्माण आदि के संदर्भ में कई अप्रत्‍यक्ष लाभ होंगे।

एयू एस सी प्रौद्योगिकी के विकास पर काम कर रहे पीएसए के कार्यालय के तत्वावधान में वर्ष 2010 में भेल, एनटीपीसी और आईजीसीएआर (इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र) का कंसोर्टियम बनाया गया था। कंसोर्टियम द्वारा विकसित आरएंडडी प्रौद्योगिकी के प्रदर्शन की योजना भेल और एनटीपीसी द्वारा समग्र प्रौद्योगिकी विकास कार्यक्रम के अगले चरण के रूप में बनाई जा रही है।


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