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प्रेस विज्ञप्ति

एनटीपीसी ने लॉकडाउन अवधि के दौरान 19,000 कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए शिक्षण और विकास के अवसरों को गतिमान बनाया

01st जून, 2020

  • विश्व बैंक, ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ और अन्य अग्रणी संस्थाओं के साथ सहयोग के माध्यम से शिक्षण और विकास के सत्र
  • सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर प्रमाणपत्र प्रदान किए जाने की पेशकश

नई दिल्ली, 1 जून, 2020 : भारत के सबसे बड़े विद्युत उत्पादक, एनटीपीसी ने अपने 19,000 से अधिक कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को शिक्षण के अवसर प्रदान किए। कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन की जरुरतों को पूरा करने हेतु, एनटीपीसी की शिक्षण एवं विकास रणनीति को इस तरह से तैयार किया गया कि गहन डिजिटीकरण और ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को जानकारी से समृद्ध बनाया जा सके ताकि वे कहीं से भी इन सेवाओं का लाभ उठा सकें।

इतना ही नहीं, कम्पनी ने यथार्थ ऑनलाइन तकनीकी पाठ्यक्रम में भाग लेने, वर्चुअल कक्षा में उपस्थित होने, मूल्यांकन हेतु परीक्षा-सामग्री सौंपने, और अंततः प्रमाणपत्रों को प्राप्त करने का अवसर अपने स्टाफ को प्रदान करने हेतु विश्व बैंक के साथ सहयोग किया है।

एनटीपीसी के शीर्ष एल एन्ड डी सैन्टर - पावर मैनेजमैंट इंस्टीट्यूट ने तकनीकी, फंक्शनल, हैल्थ और सेफ्टी से लेकर विभिन्न प्रकार के अनेक विषयों में 250 से अधिक प्रशिक्षण सत्र संचालित किए हैं। इसके अतिरिक्त, विद्युत संयंत्र परियोजनाओं में स्थित एनटीपीसी के क्षेत्रीय शिक्षण और विकास केन्द्रों में लगभग 100 से अधिक ऑनलाइन शैक्षिक अवसरों को सृजित किया गया है।

एनटीपीसी अपने स्टाफ को निरंतर चलने वाले शैक्षिक सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षित करके विकसित करते रहने और साथ ही विशिष्ट प्रकार की परिस्थितियों के लिए शिक्षण पद्धतियों को तैयार करने और परिवर्धित करने के लिए दृढ़संकल्प है। संकट के दौर में भी कम्पनी कौशल वृद्धि की जरुरत को महसूस करती है। इसलिए एक और अन्य पहल सहयोग – ‘45 दिन के शिक्षण की चुनौती’ – अपने स्टाफ को विभिन्न विषयों जैसेकि तकनीकी, वित्त और मानव संसाधन में 45 दिनों के लिए सम्पूर्ण शिक्षण की पेशकश करता है जिसे घर से ही एक बार पूरा करने पर उन्हें प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।

अग्रणी संस्थाओं के साथ किए गए अन्य सहयोग भी हैं जिनमें आधुनिक पद्धति से शिक्षण प्रदान करने के सत्र आयोजित किए जाते हैं। ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के साथ सहयोग से एक समग्र कल्याण कार्यक्रम सतत् रूप से चलाया जा रहा है। कर्मचारी और हर आयु के परिवार के सदस्य भाग लेकर स्वयं को इस संकटकाल में मजबूत और केन्द्रित रख सकते हैं। इसी प्रकार, ईएपी (कर्मचारी सहायता कार्यक्रम) के माध्यम से परामर्शी सेवाओं पर आधारित, एक विशेष छमाही पहल, ‘स्नेहल 2.0’ कर्मचारियों के पारिवारिक सदस्यों को प्रदान की जाती है। चौबीसों घंटे उपलब्ध होने वाली ईएपी सेवा गोपनीय और केवल विशिष्ट उपयोगकर्ताओं को ही दी जाती है।

इसी प्रकार, विद्युत संयंत्र के मुख्य हिस्सो यथा टरबाइन, बॉलयर, वॉटर कैमिस्ट्री, नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण ओ एन्ड एम (प्रचालन एवं रखरखाव) के विषयों पर कक्षाओं का आयोजन कम्पनी के और अतिथि शिक्षकों के माध्यम से आयोजित की जा रही हैं। नई शिक्षण पद्धतियों में ऑनलाइन मंचों, वैबीनारों, एक कम्पनी के द्वारा विकसित मोबाइल एप्लीकेशन ‘सम्वाद’ के साथ-साथ इन्टरनेट की सुविधा का लाभ उठाने और अपने आन्तरिक शिक्षण पोर्टल के माध्यम से कनेक्ट करना शामिल है।


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