मीडिया

प्रेस विज्ञप्ति

एनटीपीसी ने इंडियन ऑयल कोरपोरेशन लिमिटेड एवं एसडीएमसी के साथ नगर निकाय के ठोस कचरे का प्रयोग करके ओखला लैंडफिल साइट पर कचरे से ऊर्जा के प्रायोगिक संयंत्र का निर्माण करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

01st जुलाई, 2020

नई दिल्ली, 1 जुलाई, 2020: भारत के सबसे बड़े विद्युत उत्पादक एनटीपीसी लिमिटेड और इंडियन ऑयल कोरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने द्वि-पक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए और एक त्रि-पक्षीय समझौता ज्ञापन पर एनटीपीसी, इंडियन ऑयल कोरपोरेशन लिमिटेड और दक्षिण दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) के बीच दिल्ली में “ओखला लैंडफिल साइट पर कचरे से ऊर्जा संयंत्र का निर्माण करने के लिए” माननीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान, माननीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री (प्रभारी) और (कौशल विकास और उद्यमिता) राज्यमंत्री श्री आर.के. सिंह तथा माननीय उप-राज्यपाल दिल्ली, श्री अनिल बैजल की गरीमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।

समझौता ज्ञापन के अन्तर्गत, 50 टीपीडी रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (आरडीएफ) का प्रयोग करके एसडीएमसी ओखला लैंडफिल साइट पर, प्लाज्मा एन्हान्सड् गैसिफिकेशन (पीईजीएस) प्रौद्योगिकी पर आधारित कचरे से ऊर्जा का प्रायोगिक संयंत्र स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। यह प्रौद्योगिकी पर्यावरण-हितैषी है क्योंकि इसमें शायद ही किसी गैसीय इंधन अथवा अपशिष्ट राख शामिल होती है। यह प्रोयोगिक संयंत्र प्रौद्योगिकी के प्रदर्शन हेतु स्थापित किया जा रहा है।

इस अवसर दिल्ली के मेयर, आयुक्त एसडीएमसी, सीएमडी एनटीपीसी, सीएमडी आईओसीएल और मंत्रालयों, आईओसीएल, एनटीपीसी और एसडीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यकारी निदेशक आईओसीएल श्री सुबोध कुमार, मुख्य अभियन्ता एसडीएमसी श्री राकेश कुमार शर्मा और महाप्रबंधक एनटीपीसी श्रीमती संगीता कौशिक द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

एनटीपीसी पूर्वी दिल्ली नगरनिगम सहित कवास, वाराणसी, इन्दौर और मोहाली के नगर निगमों के साथ भी सहयोग कर रही है। नगर निगम के ठोस कचरे को छांटकर अलग-अलग किया जाएगा और कोयले में बदलने या विद्युत उत्पादन के लिए दहन विखंडन (कम्बस्सन फ्रैक्शन) का प्रयोग करके प्रसंस्कृत किया जाएगा, बायो सीएनजी के रूप में प्रयोग करने हेतु मीथेन गैस का उत्पादन करने के लिए जैवअपघटनीय विखंडन किया जाएगा। रिसाइक्लड अपशिष्ट का उपयोग, आवश्यक प्रसंस्करण के पश्चात्, निर्माणकार्य में किया जाएगा।


« पीछे प्रेस विज्ञप्ति