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प्रेस विज्ञप्ति

एनटीपीसी द्वारा 10307 करोड़ रुपए का अब तक का सबसे बड़ा बोनस ऋण-पत्र इश्यू

27th मार्च, 2015

Debenture Issue of Rs 10307

एनटीपीसी ने बोनस ऋणपत्र के माध्यम से अपने शेयरधारकों द्वारा धारित प्रत्येक 10 रुपए के पूर्ण चुकता ईक्विटी शेयर के लिए 12.50 रुपए का एक पूर्ण चुकता, सुरक्षित ऋण-पत्र इश्यू  किया है। यह 10,307 करोड़ रुपए का अब तक का सबसे बड़ा बोनस ऋण-पत्र इश्यू है। इस इश्यू ने 7 लाख से अधिक निवेशकों के सबसें बड़े ऋण-पत्र धारकों का आधार सृजित किया है, जिससे ऋण बाजार को और अधिक गहराई प्राप्त हुई है।

कम्पनी की स्थापना के 40वें वर्ष में अपने शेयरधारकों को इनाम देने के लिए बोनस ऋण-पत्र जारी करने का निर्णय लिया गया है। लेन-देन एक विशेष पूंजी पुर्नसंरचना अभ्यास था, जिसके परिणामस्वरूप एनटीपीसी लि. के स्वतंत्र संचित कोषों से 10,306.83 करोड़ रुपए ऋण-पत्रों में रूपान्तरण हुआ। इसने लाभ  अनुपात तथा कम्पनी के आरओई में सुधार करके और शेयरधारकों को एनएसई व बीएसई पर सहज व्यापार योग्य 8.49 प्रतिशत के  निश्‍चि‍त  धारण सुरक्षा कूपन ईनाम में देकर कम्पनी तथा इसके शेयरधारकों को एक लाभकारी स्थिति प्रदान की। ऋण-पत्रों की प्रकृति सुरक्षित है, और सभी तीनों रेटिंग ऐजेन्सियों द्वारा ‘एएए‘ रेटिंग प्राप्त हैं। ऋण-पत्रों

की डोर-टू-डोर परिपक्वता अवधि 10 वर्ष है और  8वें, 9वें तथा 10वें वर्ष के माध्यम से भुगतान योग्य है। ये बोनस ऋण-पत्र 25 मार्च 2015 को योजना के संदर्भ में आवंटित किये जा चुके हैं।  

एनटीपीसी में 74.96 प्रतिशत अंशधारण के मूल के द्वारा भारत सरकार ने 7,725.76 करोड़ रुपए राशि के 618.06 करोड़ बोनस ऋण-पत्र प्राप्त किये हैं। इसके अलावा, सरकार ने इन ऋण-पत्रों पर 2061 करोड़ रुपए (लगभग) लाभांश वितरण कर के रूप में भी प्राप्त किये हैं।

ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए एनटीपीसी के प्रबंध निदेशक तथा बोर्ड के अन्य सदस्यों द्वारा बोनस ऋण-पत्र के प्रमाणपत्र की एक प्रतिकृति गुरूवार, 26 मार्च, 2015 को माननीय विद्युत मंत्री की उपस्थिति में माननीय वित्त मंत्री को भेंट की गई।  

अन्य जारीकर्ताओं द्वारा लिए गये 12-36 माह के विपरीत लेन देन को बोर्ड द्वारा अनुमोदन से लेकर आवंटन तक के 93 दिनों के न्यूनतम संभावित समय में कार्यान्वित किया गया। विद्युत मंत्रालय, कारपोरेट मामले मंत्रालय, वित मंत्रालय तथा एनटीपीसी की टीम के मध्य उत्कृष्ट समन्वय द्वारा यह उपलब्धि हासिल हो सकी। इस प्रकार की नवीन पूंजी पुर्नसंरचना अभ्यास को शुरु करने वाला एनटीपीसी पहला महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम बन गया है।


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