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प्रेस विज्ञप्ति

एनटीपीसी द्वारा कोविड-19 के विरूद्ध बहुविध पहल और निर्बाध विद्युत आपूर्ति

16th अप्रैल, 2020

COVID

नई दिल्‍ली, अप्रैल 16, 2020: अर्थव्‍यवस्‍था के विभिन्‍न क्षेत्रों को निर्बाध रूप से चलते रहने को सुनिश्चित करने में विद्युत के महत्‍व के कारण पावर यूटीलिटीज की भूमिका अत्‍यधिक महत्‍वपूर्ण हो गई है। एनटीपीसी देश को निरंतर विद्युत उपलब्‍ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और साथ ही लॉकडाउन एवं सामाजिक दूरी संबंधी भारत सरकार और राज्‍य सरकारों द्वारा तय सभी दिशा-निर्देशों का भी अनुपालन किया जा रहा है। एनटीपीसी के अध्‍यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री गुरद्वीप सिंह और एनटीपीसी के क्षेत्रीय प्रमुख सभी घटनाक्रमों का अनुरीक्षण कर रहे हैं तथा सुनिश्‍चित कर रहे हैं कि विद्युत उत्‍पादन में कोई अन्‍तर ना पड़े।

एनटीपीसी के पास-पड़ोस में कमजोर वर्ग के व्‍यक्तियों और प्रवासी कामगारों के लिए सामाजिक कल्‍याण की गतिविधियों भी की जा रही हैं। एनटीपीसी की मनशा अबाधित विद्युत आपूर्ति और कर्मचारियों का कल्याण सुनिश्चित करने की है। अतः पावर स्‍टेशनों को उचित संख्‍या में श्रमशक्ति के साथ चालू रखा जा रहा है और शेष कर्मचारी गहन आईटी सर्पोट के माध्‍यम से घर से ही योगदान दे रहे हैं।

एनटीपीसी ने कोविड-19 की वैश्विक महामारी के विरूद्ध चौकसी को बढाते हुए, पहले ही अपने 45 अस्‍पतालों/स्‍वास्‍थ्‍य इकाईयों को आइसोलेशन सुविधा में बदलने और ऐसे केसों को प्रभावपूर्ण तरीकों से संभालने हेतु चिकित्‍साकर्मियों के लिए अपेक्षित उपकरणों की खरीद कर ली है। सभी अस्‍पतालों/स्‍वास्‍थ्‍य इकाईयों में कुल मिलाकर लगभग 168 ऑक्‍सीजन आपूर्ति युक्‍त आइसोलेशन बिस्‍तरों की व्‍यवस्‍था की गई है तथा जरूरत होने पर अतिरिक्‍त 122 बिस्‍तरों को उपलब्‍ध कराया जा सकता है। दिल्‍ली में बदरपुर स्थित अस्‍पताल और उडीसा के सुन्‍दरगढ के चिकित्‍सा विद्यालय अस्‍पताल सहित दो अस्‍पतालों को राज्‍य सरकारों द्वारा कोविड केसों से निपटने हेतु प्रयोग करने के लिए तैयार किया गया है।

उपयुक्‍त स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल उपकरणों की उपलब्‍धता और इन तक पहुँच समय की मांग है, उपकरणों की खरीद हेतु लगभग 3 करोड़ रूपये के बजट का आवंटन किया गया है| वर्तमान में, एनटीपीसी के परियोजना अस्‍पतालों में 7 वेंटीलेटर 18 उन्‍नत स्‍तर की वेंटीलेटर युक्‍त एम्‍बुलेंस हैं। विभिन्‍न अस्‍पतालों के लिए अतिरिक्‍त 15 वेंटीलेटर और 520 आईआर थर्मामीटरों की खरीद प्रक्रिया जारी है।

व्‍यक्तिगत सुरक्षा उपकरण और हैण्‍ड सेनिटाइजेशन खतरनाक कोरोना वायरस के विरूद्ध रोकथाम की सबसे बडी युक्ति के रूप में उभरकर आए हैं। इसलिए एनटीपीसी ने सभी सीएमओ के साथ स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय द्वारा जारी जांच, इलाज और परिवहन संबंधी दिशा-निर्देशों को सांझा किया है| चिकित्‍सा कर्मियों को व्‍यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) के प्रयोग के बारे में वीडियो कॉल्‍स के माध्‍यम से प्रशिक्षित किया है। इसके अतिरिक्‍त सभी परियोजनाओं तथा स्‍टेशनों को 1200 पीपीई किट, 120000 सर्जिकल मास्‍क और 3300 से अधिक दस्‍ताने, 5000 एप्रैन, 8000 जूते के कवर और 535 लीटर सेनिटाईजर भेज दिए गए हैं। इस समय चूंकि रोकथाम एक निर्णायक व महत्वपूर्ण व क्रिटकल है। अतः एनटीपीसी की अनेक इकाईयों में रोकथाम और राहत संबंधी व्यापक गतिविधियाँ की गई हैं और अब तक इस प्रयोजन से 3.50 करोड़ रूपये लगाए जा चुके हैं। कोरोना वायरस के विरूद्ध लड़ाई में राज्‍य सरकारों को सहायता देने की अपनी पहल के हिस्‍से के रूप में एनटीपीसी द्वारा भाद्रक में 120 बैड वाले सलांदी अस्‍पताल के किराये की लागत और कोविड-19 देखभाल सेंटर के निर्बाध संचालन हेतु अस्‍पताल में कार्यरत चिकित्‍सकों और चिकित्सा सहायक स्‍टाफ के रहने खाने में सहायता करने के लिए 35 लाख रूपये प्रतिमाह का योगदान उडीसा सरकार को सहायता के रूप में दिए जा रहे हैं। यह वि‍त्‍तीय सहायता कोविड देखभाल सेंटर के परिचालन और रख-रखाव के लिए कुल वित्‍तीय लागत के रूप में 1.05 करोड़ खर्च 3 माह के लिए दी जाएगी।

इसके अतिरिक्‍त, एनटीपीसी द्वारा इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए, चिकित्‍सा सहायता की व्‍यवस्‍था करने हेतु और पीपीई, भोजन के पैकेटों के वितरण हेतु जिला प्रशासन/स्‍थानीय अथॉरिटियों को 6.36 करोड रूपये की वित्‍तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, एनटीपीसी रिहंद द्वारा, इसके निगमित सामाजिक दायित्‍व हेतु 17 लाख रूपये की कीमत के 2800 से अधिक अनाज के बोरे और भोजन सामग्री के पैकेट जिला प्रशासन को सौंपे गए हैं। एनटीपीसी विंध्‍याचल ने भारतीय रैड क्रास सोसायटी, सिंगरौली को राहत कार्यों के लिए 25 लाख रूपये की वित्‍तीय सहायता दी है।

एनटीपीसी ने कोविड-19 की वैश्विक महामारी के विरूद्ध चौकसी को बढाते हुए कोविड-19 के प्रसार की रोकथाम हेतु लड़ी जा रही लड़ाई को मजबूती प्रदान करने हेतु पीएम केयर्स फण्‍ड में 250 करोड़ रूपये का योगदान दिया है। कम्‍पनी के कर्मचारियों ने भी वेतन में से 7.50 करोड़ रूपये का योगदान दिया है।


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