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प्रेस विज्ञप्ति

एनटीपीसी का विन्ड क्षेत्र में पदार्पण

04th अप्रैल, 2017

एनटीपीसी, देश की सबसे बड़ी विद्युत कम्पनी ने गुजरात में रोजमल विन्ड पावर प्रोजेक्ट (50 मेगावाट) पर 2 मेगावाट के अपने पहले विन्ड टर्बाइन की शुरूआत कर विद्युत उत्पादन के पांच खण्डों अर्थात कोयला आधारित, गैस आधारित, हाइड्रो, सोलर और अब विन्ड में अपनी उपस्थिति दर्ज की है। एनटीपीसी अपने नवीकरणीय पोर्टफोलियो में तेजी से विकास कर रही है। वित्त वर्ष 2017 में, एनटीपीसी के कोलडैम हाइड्रो स्टेशन ने अब तक का सर्वधिक विद्युत उत्पादन 3.225 बिलियन यूनिट हासिल किया और सोलर स्टेशनों ने अब तक का सबसे उच्च उत्पादन 527 मिलियन यूनिट हासिल किया। वर्ष के दौरान कुडगी में एनटीपीसी की पहली उच्च कार्यकुशल 800 मेगावाट यूनिट ने भी कार्य करना चालू किया।

भारतीय रेल बिजली कम्पनी लिमिटेड (बीआरबीसीएल- एनटीपीसी लिमिटेड की सहायक कम्पनी) की 250 मेगावाट यूनिट #2 भी 03 अप्रैल, 2017 को चालू हो गई है। इसके साथ ही एनटीपीसी की संस्थापित क्षमता अब 50750 मेगावाट हो गई है।

वित्त वर्ष 2017 में एनटीपीसी ने अकेले 250 बिलियन यूनिट के विद्युत उत्पादन का आंकड़ा पार किया और एनटीपीसी समूह ने 276 बिलियन यूनिट विद्युत के उत्पादन स्तर को पार किया। एनटीपीसी के कोयला स्टेशनों ने 78.6 प्रतिशत पीएलएफ हासिल किया है। वित्त वर्ष 2017 में नौ कोयला स्टेशनों - रिहन्द, विंध्याचल, सीपत, फरक्का, कहलगांव, बाढ़, बोंगाईगांव, मौदा, एनटीईसीएल-वेल्लूर ने अब तक का सर्वाधिक विद्युत उत्पादन किया।

कम्पनी ने 12वीं योजना के दौरान 13,395 मेगावाट की नई क्षमता जोड़ी है जो 11,920 मेगावाट के क्षमता विस्तार लक्ष्य से अधिक है। 510 मेगावाट नई सोलर क्षमता सहित वित्त वर्ष 2017 में 3,520 मेगावाट की नई क्षमता जोड़ी गई।

31 मार्च, 2017 को एनटीपीसी 50,000+ मेगावाट कम्पनी बन गई है। पाकरी बरवाडिह में अपनी पहली खान से कोयला उत्पादन प्रारंभ किया है और यहां से अब तक 1 लाख टन से अधिक कोयला भेजा जा चुका है।


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