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प्रेस विज्ञप्ति

एनटीपीसी कला के पारंपरिक रूपों को बढ़ावा देता है; पकरी-बरवाडीह कार्यालय की दीवारें पेंटिंग से सजाई गई

19th अप्रैल, 2019

भारत की स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने और बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एनटीपीसी के पाकरी-बरवाडीह (सीकरी) कोयला खदान कार्यालय की दीवारों को पारंपरिक कला के रूपों से सजाया गया है। कलाकारों ने प्राकृतिक रंगों से बनाए गए चित्रों सोहारी से दीवारों को सजाया था, जो झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्यों का एक प्रमुख आदिवासी कला का रूप है। दीवारों को खोवर कला से भी सजाया गया, दीवारों के चित्र विभिन्न सामाजिक-धार्मिक परंपराओं को दर्शाते हैं और कौशल विकास प्रारंभ करने के महत्व पर जोर देते हैं, महिलाओं को सशक्त बनाने की आवश्यकता जैसे कुछ सामाजिक संदेश देते हैं। पुनर्वासित परिवारों की महिलाओं का एक समूह इस समय पकरी-बरवाडीह में चल रहे कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्‍त कर रहा है। 2-3 दिनों के भीतर चित्रों को पूरा करते हुए, स्थानीय व्‍यक्‍तियों ने विशेष रूप से फसल के मौसम के दौरान भारी संख्या में भाग लेकर इस पहल को पूरा समर्थन दिया है।

एनटीपीसी ने परियोजना क्षेत्र में और उसके आसपास रहने वाले स्थानीय समुदायों के विकास को सुनिश्चित करने के लिए लगातार सीएसआर पहल की हैं। इसमें एक विशेष पुनर्स्‍थापन और पुनर्वास (आरएंडआर) नीति है जिसमें सामुदायिक विकास गतिविधियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा, एनटीपीसी की सीएसआर नीतियां मूल बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा, सामुदायिक स्वास्थ्य और स्वच्छता, क्षमता निर्माण और लैंगिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रयासों सहित विविध गतिविधियां शामिल हैं।


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