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प्रेस विज्ञप्ति

एनटीपीसी एक विविधीकृत विद्युत संस्थान प्रचालनात्मक उपलब्धियां

06th जून, 2016

Operational Highlights

  • एनटीपीसी, भारत की अग्रणी विद्युत कंपनी के रूप में देश के उत्पादन में 24 प्रतिशत का योगदान दे रही है।
  • चालू वित्त वर्ष में एनटीपीसी 50 गीगावॉट की विद्युत उत्पादन क्षमता को पार करने की ओर अग्रसर है - 6 जून, 2016 की स्थिति एनटीपीसी की स्थापित क्षमता 47,178 मेगावॉट है। वर्ष 2015-16 के दौरान 2255 मेगावॉट की क्षमता जोड़ी गई है। कोलडैम में पहली पनबिजली परियोजना का वाणिज्यिकी परिचालन शुरु कर दिया गया है।
  • 24 गीगावॉट की क्षमता निर्माणाधीन। इस कार्यक्रम से कंपनी को विकास पथ पर तेजी से आगे बढ़ाने तथा कंपनी की आय में वृद्धि संभव हो सकेगी।
  • चालू वित्त वर्ष 2016-17 में लगभग 5 गीगावॉट क्षमता जोड़ी जाएगी।
  • वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान, अनंतपुरम (5 × 50 मेगावॉट) (आंध्र प्रदेश) में एनपी कुंता अल्ट्रा मेगा सौर पी वी परियोजना, मंदसौर सौर पी वी परियोजना (5 × 50 मेगावॉट) (मध्य प्रदेश), भादला सौर पी वी परियोजना (4 × 65 मेगावॉट) (राजस्थान) और तेलंगाना में कोयला आधारित परियोजना (2 × 800 मेगावॉट) के संबंध में 15,482.27 करोड़ रु. के निवेश के साथ 2360 मेगावॉट की क्षमता अनुमोदित की गई।
  • एनटीपीसी द्वारा वर्ष 2015-16 के दौरान 241.98 बिलियन यूनिट्स का अधिकतम सकल विद्युत उत्पादन दर्ज किया गया। एनटीपीसी के कोयला स्टेशनों ने वर्ष 2015-16 के दौरान 78.61 प्रतिशत का पीएलएफ अर्जित किया जो केंद्र, राज्य और निजी क्षेत्र के विद्युत संयंत्रों से सबसे अधिक है। एनटीपीसी समूह ने वर्ष 2015-16 के दौरान 263.42 बिलियन यूनिट का सकल उत्पादन दर्ज किया।
  • उदय (उज्ज्वल डिस्कॉम आश्वासन योजना) के अंतर्गत, जो भारत में वितरण क्षेत्र में सुधार के उद्देश्य से सरकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद के सर्वश्रेष्ठ सिद्धांतों के अनुकूल है, एनटीपीसी द्वारा लिंकेज के युक्तिकरण और आयातित कोयले की खपत को नियंत्रित करने कारण ईसीआर को अप्रैल 2015 में 2.03 रु. से कम कर 1.69 रु. तक करने और फरवरी 2016 में 34 पैसा यूनिट तक कम किया गया।
  • श्रेष्ठ पीएलएफ के संदर्भ में एनटीपीसी के तीन विद्युत संयंत्रों (तालचर थर्मल - 93.15 प्रतिशत, सिंगरौली - 92.61 प्रतिशत और तालचर - कनिहा - 90.95 प्रतिशत) की गणना देश के 3 शीर्ष स्टेशनों के रुप में की गई है। पीएलएफ के मामले में देश में शीर्ष दस विद्युत स्टेशनों में से छह एनटीपीसी से संबंधित हैं।
  • एक जिम्मेदार विशाल विद्युत संस्थान के रूप में, एनटीपीसी द्वारा कोयला, गैस, पनबिजली और सौर को शामिल करते हुए विविध ईंधन मिश्रण से विद्युत उत्पादन के लिए इसकी क्षमता में 10 गीगावॉट की नवीकरणीय ऊर्जा की क्षमता को विकसित करने पर बल दिया गया है।
  • वर्तमान में 310 मेगावॉट की सौर क्षमता पहले से ही परिचालन में है। निकट भविष्य में 1310 मेगावॉट की अतिरिक्त क्षमता जोड़ना है।
  • इस वर्ष 17 मई को हमने खनन किए जाने वाली संभावना के पश्चिमी पिट में 1 मिलियन टन के कोयले की क्षमता वाली पकरी - बरवाडीह कोयला खनन परियोजना को आरंभ किया है। चट्टी बरियाटू, दुलांगा और तलाईपल्ली की कोयला खदानों के लिए शीघ्र ही माइन डेवलेपर/प्रचालकों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है।
  • 7 बिलियन टन की क्षमता वाली 10 कोयला खदान एनटीपीसी को आबंटित की गई है जिसकी वार्षिक क्षमता 107 मिलियन टन की है। 4 और नई खदानों में 3 वर्षों के अंदर उत्पादन आरंभ हो जायेगा।
  • विकास के बहुउद्देश्यीय मार्ग का लक्ष्य रखते हुए - अधिग्रहण के माध्यम से 325 मेगावाट की प्रचालन क्षमता वाले पतरातू थर्मल पावर स्टेशन का अधिग्रहण किया।
  • सिंदरी (बिहार) और गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) में फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एफसीआईएल) के उर्वरक संयंत्र के पुनरुद्धार का कार्य लेने के लिए एनटीपीसी लि. और कोल इंडिया लिमिटेड के बीच एक संयुक्त उद्यम समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। संयुक्त उद्यम कंपनी “हिंदुस्तान उर्वरक और रसायन लिमिटेड” निगमन के अधीन है।
  • भुगतान प्रतिभूति का पुनः सुदृढ़ीकरण - राज्यों के साथ त्रिपक्षीय समझौते को आगे पढ़ाए जाने की अपेक्षा है।
  • मंत्रिमंडल ने विद्युत उत्पादन की लागत को कम करने के लिए घरेलू कोयले के उपयोग में लचीलेपन की अनुमति के लिए एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अब कंपनी ऊर्जा प्रभार में कमी और मालभाड़ा घटक में दक्षता लाने के लिए कोयला प्रचालन तंत्र तय कर सकती है - भारत सरकार द्वारा इस संबंध में विस्तृत प्रक्रिया जारी होनी है।
  • जनवरी, 2016 में प्रशुल्क नीति में जारी संशोधन के तहत उत्पादक कंपनियां अब लाभार्थी की सहमति से बाजार में यूआरएस विद्युत की बिक्री कर सकती हैं और उक्त बिक्री से प्राप्त लाभ को साझा कर सकती हैं - यह उत्पादक और लाभार्थी दोनों के लिए लाभकारी स्थिति है।

वित्तीय उपलब्धियाँ

  • इस वर्ष कंपनी की कुल परिसंपत्तियां 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक पहुंच गई और 31.03.2015 को 1,97,134.72 करोड़ रुपए की कुल परिसंपत्तियों की तुलना में 31.03.2016 को 2,14,619.26 करोड़ रुपए हो गई।
  • एनटीपीसी वर्ष के लिए ”निफ्टी 50“ में 10 अग्रणी लाभ कमाने वाली कंपनियों में से एक है।
  • वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए कुल आय 71,696.07 करोड़ रुपए तथा कर पश्चात् लाभ 10,242.91 करोड़ रुपए है। कुल अर्जन में विद्युत उत्पादन का मद लगभग 88 प्रतिशत का योगदान करता है।
  • पिछले 23 वर्षों से लगातार लाभांश का भुगतान। वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए बोर्ड ने आगामी वार्षिक आम बैठक में अंशधारको के अनुमोदन के अधीन 17.50 प्रतिशत अंतिम लाभांश की सिफारिश की है। इसमें 16.00 प्रतिशत का अंतरिम लाभांश शामिल है। वित्तीय वर्ष 2015 - 16 के लिए लाभांश भुगतानित शेयर पूंजी का 33.50 प्रतिशत आता है।
  • वित्तीय वर्ष 2016 के दौरान 23,000 करोड़ (पूंजीगत) के समझौता ज्ञापन लक्ष्य की तुलना में 25,737.59 करोड़ रुपए का केपेक्स व्यय किया गया, इस प्रकार लक्ष्य उपयोगिता का 112 प्रतिशत अर्जित किया गया। समूह कंपनियों सहित कुल केपेक्स 31,868.88 करोड़ रुपए था।
  • एनटीपीसी लि. के लिए वर्तमान वर्ष में केपेक्स लक्ष्य 30,000 करोड़ रुपए है। इसके अलावा, समूह कंपनियों द्वारा 8,965 करोड़ रुपए के केपेक्स व्यय होने की संभावना है।
  • वैश्विक बाजार में 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर राशि के यूरो बॉन्ड लाने से 4.25 प्रतिशत के कूपन पर 10 वर्ष का कार्यकाल मिलता है।
  • बॉन्ड के जरिए 2,455 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई, जिसमें कर मुक्त बॉन्ड के जरिए 1,000 करोड़ रुपए शामिल हैं। कर मुक्त बॉन्ड के सार्वजनिक निर्गम को बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली और इसे खुलने के कुछ ही मिनटों के अंदर अतिदत्त किया गया और निर्गम को शीघ्रतम संभव तिथि पर बंद कर दिया गया। यह निर्गम 6.3 गुणा अतिदत्त हुआ।
  • बैंकों तथा घरेलू वित्तीय संस्थानों ने कंपनी के केपेक्स कार्यक्रम को समर्थन जारी रखा। वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान 2000 करोड़ रुपए के सावधि ऋण पर करार का निष्पादन किया गया। अनाहरित शेष राशि घरेलू बैंकों/वित्तीय संस्थानों से स्वीकृत विभिन्न ऋणों के तहत 17,160.00 करोड़ रुपए की ऋण राशि 31 मार्च 2016 को उपलब्ध थी।
  • लगातार 13वें वर्ष में बिलिंग की 100 प्रतिशत वसूली।
  • राजकोष में 4,113.30 करोड़ रुपए का योगदान (1,403.02 करोड़ रुपए का नैगम कर + लाभांश 2,070.51 करोड़ रुपए + लाभांश कर 562.32 करोड़ रुपए + 7.45 करोड़ रुपए का संपत्ति कर)।
  • भारत सरकार ने फरवरी 2016 में बिक्री के प्रस्ताव के माध्यम से एनटीपीसी इक्विटी शेयर पूंजी की 5 प्रतिशत राशि का विनिवेश किया है। इसके साथ एनटीपीसी में भारत सरकार की इक्विटी धारिता 74.96 प्रतिशत की भुगतानित पूंजी के 69.96 प्रतिशत तक घट गई।

समग्र-विकास

  • एनटीपीसी ने स्वस्थ भारत की अवधारणा के अनुरूप लगभग 29,000 शौचालयों का निर्माण 17 राज्यों के 83 जिलों में सफलतापूर्वक पूरा करते हुए स्वच्छ भारत अभियान में अग्रणी स्थान अर्पित किया है। वर्ष 2015-16 के लिए सीएसआर पर कुल व्यय 491.80 करोड़ रुपए था (स्वच्छ विद्यालय अभियान सहित)।
  • एनटीपीसी ने कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एनएसडीएफ - राष्ट्रीय कौशल विकास कोष) और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के साथ दो अलग अलग समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए है जिसमें कौशल विकास से जुड़ी विभिन्न रोजगार परक कार्यक्रमों के लिए 36.50 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई है।
  • एनटीपीसी ने आईआईआईटी, रायपुर की स्थापना के लिए 200 करोड़ रुपए के योगदान की प्रतिबद्धता की है। इस संस्थान ने शैक्षिक वर्ष 2015-16 से अपना शैक्षिक सत्र आरंभ कर दिया है।

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