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प्रेस विज्ञप्ति

एनटीपीसी अंडमान में 50 मेगावाट एलएनजी प्रोजेक्ट स्थापित करेगा

30th दिसम्बर, 2018

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दक्षिण अंडमान के होप टाउन में 30 दिसम्बर, 2018 को 50 मेगावाट एलएनजी आधारित पावर प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। एनटीपीसी लिमिटेड के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कम्पनी - एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम (एनवीवीएन) द्वारा स्थापित किये जाने वाले 50 मेगावाट एलएनजी आधारित पावर प्लांट से अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के निवासियों के जीवन स्तर में महत्वूर्ण बदलाव होगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी । दक्षिण अंडमान में रु. 387.80 करोड़ की लागत से स्थापित होने वाले इस प्लांट को पूर्ण परिचालित होने में (कार्य आवंटन करने के बाद) लगभग 18 माह लगेंगे।

यह प्लांट आवश्यकता के अनुसार इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल) के अंडमान एवं निकोबार में स्थित वर्तमान डिपो से आपूर्ति किये जाने वाले फ्लोटिंग स्टोरेज रिगैसीफिकेशन यूनिट (एफएसआरयू) और हाई स्पीड डीजल (एचएसडी) से प्राप्त दोहरे ईंधन - एलएनजी या एचएसडी के द्वारा परिचालित होगा।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री (I/C), संचार और रेल राज्य मंत्री, श्री मनोज सिन्हा, उप राज्यपाल एडमिरल देवेन्द्र कुमार जोशी, पीवीएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, एनएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त), श्री विष्णु पद रे, सांसद, लोकसभा उपस्थित थे। श्री गुरदीप सिंह, सीएमडी, एनटीपीसी, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के बिजली विभाग, विद्युत मंत्रालय, एनटीपीसी एवं एनवीवीएन के वरिष्ठ अधिकारीगण भी इस अवसर पर मौजूद थे।

भारत सरकार ने विद्युत मंत्रालय के माध्यम से एनटीपीसी को इन द्वीप समूहों के लिए स्वच्छ एवं पर्यावरण-हितैषी विद्युत समाधान प्रदान करने का उत्तरदायित्व सौंपा है। एनटीपीसी ने पहले ही अंडमान एवं निकोबार में 5 मेगावाट सोलर पीवी की स्थापना की है और बैटरी बैकअप के साथ एक और 25 मेगावाट सोलर पीवी प्रोजेक्ट स्थापित करने की प्रक्रिया में है।

एलएनजी एक स्वच्छ ईंधन है जो द्वीपसमूह की मूलभूत लोड आवश्यकता को पूरा करने के साथ अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह की प्राकृतिक सुन्दरता को भी बनाए रखने में सहायता करेगा। यह प्लांट पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए अत्याधुनिक वायु, जल एवं ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियों से सुसज्जित होगा।

एनटीपीसी देश की सबसे बड़ी विद्युत कम्पनी है। कम्पनी अपनी 53,000 मेगावाट से अधिक की संस्थापित क्षमता के साथ पूरे देश में विभिन्न स्थानों पर स्थित अपने कोयला, गैस, सोलर, हाइड्रो एवं विन्ड पावर स्टेशनों के माध्यम से विद्युत उत्पादन करती है।


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