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प्रेस विज्ञप्ति

अरावली पॉवर कंपनी ने बकाया राशि के भुगतान न होने पर बीआरपीएल एवं बीवायपीएल को नोटिस भेजा

01st सितम्बर, 2016

झज्‍जर स्‍थित अरावली पॉवर कंपनी प्रा. लि. (एपीसीपीएल) दिल्‍ली में बीएसइएस डिस्‍कॉम अर्थात बीएसइएस राजधानी पॉवर लि. (बीआरपीएल) तथा बीएसइएस यमुना पॉवर लि. को दिनांक 05.03.2011 से विद्युत की आपूर्ति करता रहा है। एपीसीपीएल से इन डिस्‍कॉम को आबंटित विद्युत 445 मेगावाट (क्रमश: 372 मेगावाट तथा 73 मेगावाट) है तथा चालू वित्‍तीय वर्ष में वर्तमान का औसत मासिक बिजली का बिल 87 करोड़ रूपए (क्रमश: 73 करोड़ रूपए तथा 14 करोड़ रूपए) है।

कुछ समय से बीएसइएस डिस्‍कॉम की ओर से भुगतान नियमित नहीं रहा है।  इस मामले को भारत के माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के समक्ष उठाया गया था, जिन्‍होंने 26.03.2014 के अपने निर्णय में बीएसइएस डिस्‍कॉम को 01.01.2014 से सभी चालू बिजली बिलों का भुगतान सुनिश्‍चित करने का निर्देश दिया। लेकिन माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के स्‍पष्‍ट निर्देश के बावजूद बकाया लगातार बढ़ता गया। आज बकाया राशि 961.58 करोड़ रूपए (क्रमश: 695.25 करोड़ रूपए तथा 266.33 करोड़ रूपए) हो गयी है। दिनांक 16.05.2016 को दिल्‍ली विद्युत विनियामक आयोग (डीइआरसी) द्वारा ली गई बैठक में बीआरपीएल तथा बीवायपीएल दोनों ही द्वारा बकाया चुकाने के लिए एक योजना सौंपी थी, जिसके आधार पर एपीसीपीएल द्वारा पूर्व में 06.05.2016 को जारी रेगुलेशन नोटिस को वापस ले लिया गया था। एपीसीपीएल को अपने आपूर्तिकर्ताओं को अग्रिम भुगतान करना पड़ता है, जो इसके मासिक बिजली बिलों का करीब 70-80% है। यदि यही स्‍थिति बनी रही, तो एपीसीपीएल एक मात्र विद्युत स्‍टेशन कंपनी होने के नाते र्इंधन आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान, ऋण सर्विसिंग जरूरतों तथा अपने कर्मचारियों को वेतन के भुगतान करने में भी सहित अन्‍य के साथ साथ अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में अक्षम हो जाएगा। इन परिस्‍थितियों में एपीसीपीएल के पास बीएसइएस डिस्‍कॉमों को विद्युत विनियमित करने के अलावा कोई और चारा शेष नहीं बचा है। बीआरपीएल तथा बीवायपीएल को विद्युत आपूर्ति के विनियमन संबंधी नोटिस जारी कर दी गई है जिससे दिल्‍ली को 05.09.2016 से 445 मेगावाट बिजली की आपूर्ति ठप्‍प हो जाएगी। 


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