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फ्रंटलाइन इंटरव्यू

विकास की शक्ति

दिनेश चंद्र

एनटीपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री आर. एस. शर्मा के साथ साक्षात्कार

आर. एस. शर्मा ( "एनटीपीसी की 11वीं योजना के लिए निर्धारित अपने क्षमतावृद्धि लक्ष्य को पूरा करने की राह पर है ।"

आर. एस. शर्मा ने एनटीपीसी टीका नेतृत्व हाल ही में संभाला है । हालांकि वह 1 मई को अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्त हुए हैं किंतु वह इस कंपनी में 1980 से ही हैं और एनटीपीसी के विद्युत कंपनी से बढ़कर बहुआयामी गतिविधियों वाली एकीकृत विद्युत कंपनी बनने तक की विकास यात्रा के साक्षी रहे हैं ।

अपने शीर्ष पद पर पहुंचने से ठीक पहले वह निदेशक (वाणिज्य) थे और कारोबार विकास समूह के क्रियाकलापों का मार्ग-दर्शण कर रहे थे । वह देश में पावर एक्सचेंज स्थापित करने के लिए मार्ग-दर्शक सिद्धांत तैयार करने की टीम के भी अभिन्न अंग रहे हैं । वह पहले कार्यपालक निदेशक (वाणिज्य) थे और निगम योजना का कार्य भी देखते थे । श्री शर्मा को विद्युत क्षेत्र में प्रचालन, परियोजना क्रियान्वयन, नियोजन तथा वाणिज्य एवं नियामक कार्यों के क्षेत्रों में बहुआयामी अनुभव है । वह "काम करने और ग्राहक संतुष्टि" के दर्शन में दृढ़ विश्वास रखते थे । उन्होंने विद्युत क्षेत्र के विभिन्न भागों पर कई तकनीकी पेपर भी लिखे हैं ।

श्री शर्मा ने 1971 में मध्य प्रदेश में सरकारी इंजीनियरी कॉलेज से यांत्रिकी इंजीनियरी में डिग्री ली थी और मध्य प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड में कार्य प्रारंभ किया था । फरवरी, 1980 में उन्होंने एनटीपीसी के 2100 मेवा. क्षमता के कोरबा सुपर थर्मल पावर स्टेशन में सेवा प्रारंभ की थी । साक्षात्कार से लिए गए उद्धरण :

एनटीपीसी का भविष्य के प्रति क्या विज़न है ?

एनटीपीसी का "विश्व में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के साथ भारत में विकास को सशक्त बनाने वाली विश्वस्तरीय एकीकृत विद्युत कंपनी" बनाने का विज़न देश के आर्थिक विकास की आवश्यकताओं के अनुरूप है । इस विज़न में एनटीपीसी की पूरी ऊर्जा `ाृंखला में महत्वाकांक्षी एवं त्वरित विकास की बात परिलक्षित होती है । कारोबार की दृढ़ संकलपना और दृढ़ प्रबंध टीम वाले व्यावसायिक एवं समर्पित संगठन के रूप में एनटीपीसी स्वयं को एक विशाल संस्था के रूप में देखता है जो देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है । हमारा लक्ष्य अपनी उत्पादन क्षमता को वर्तमान 29,394 मे.वा. से बढ़ाकर 2012 तक 50,000 मे.वा. तथा 2017 तक 75,000 मे.वा. और उससे अधिक करने का है ।

हम विद्युत उत्पादन क्षमता का बहु-ईंधन वाला एक ऐसा वैविधपूर्ण पोर्टफोलियो रखना चाहते हैं जिसमें कोयला और गैस के अलावा हाइड्रो, न्यूक्लियर और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत शामिल है । अपने विद्युत संयंत्रों की ईंधन सुरक्षा को बनाए रखने के लिए हम कोयला खनन, प्राकृतिक गैस एवं तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) मूल्य `ाृंखला में भी उपस्थिति बनाए रखेंगे । विद्युत अधिनियम, 2003 के बनने के बाद हमें मिले अवसरों का लाभ उठाते हुए एनटीपीसी विद्युत के व्यापार और वितरण में भी प्रवेश करने की योजना बना रहा है ।

प्रौद्योगिकी प्रतियोगिता का एक मुख प्रेरक तथ्य होगी, इस बात को ध्यान में रखकर एनटीपीसी भावी प्रौद्योगिकी विकास के क्षेत्र में भी कार्यरत है । कोयला आधारित विद्युत उत्पादन एनटीपीसी के पोर्टफोलियो का प्रमुख खंड है अतः यह अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग है और इसे आर्थिक दक्षता एवं पर्यावरण संबंधी अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी कई पहल की है ।

वर्तमान योजना अवधि के लिए निर्धारित 22,000 मे.वा. की क्षमता वृद्धि का लक्ष्य की प्राप्ति किस प्रकार की जा रही है ?

एनटीपीसी 11वीं योजना के लिए निर्धारित अपने क्षमता वृद्धि के लक्ष्य को पूरा करने की राह पर चल रहा है । चालू योजना अवधि में 1,990 मे.वा. की क्षमता का प्रचालन पहले ही शुय किया जा चुका है और 16.680 मे.वा. की क्षमता निर्माणाधीन है, शेष क्षमता वृद्धि का कार्य भी बोली प्रक्रिया या ऑर्डर देने के उन्नत चरणों में चल रहा है । इसका कार्य भी अतिशीघ्र शुरू होने की संभावना है ।

बहु-परियोजना क्रियान्वयन के परिप्रेक्ष्य में, एनटीपीसी प्रचालन शुरू करने की संकल्पना बनाने के समय से ही "एकीकृत परियोजना प्रबंध एवं निरंतर" सिस्टम अपनाता रहा है जो हमारी सफलता का केंद्र बिंदु है । एनटीपीसी एक ऐसा संगठन बंनकर उभरा है जिसने परियोजना को बिल्कुल निर्धारित समय पर विकसित एवं क्रियान्वित किया है । एनटीपीसी का परियोजना क्रियान्वयन कौशल विश्व स्तर पर सर्वमान्य रहा है ।

हाइड्रो कार्बन मूल्य `ाृंखला में ईंधन की कमियों को देखते हुए भावी मांगों को पूरा करने के संबंध में एनटपीसी क्या योजना बना रहा है ? 

सीपत पावर प्लांट, छत्तीसगढ़ में है 

त्वरित क्षमता वृद्धि की योजना पर ध्यान केंद्रित करते समय एनटीपीसी लागत एवं निष्पादन नेतृत्व को बनाए रखने के लिए अपने विद्युत संयंत्रों के लिए ईंधन उपल्बध कराने की समस्याओं और चुनौतियों के प्रति भी पूरी तरह सजग रहता है । हमने रणनीतिक ईंधन सुरक्षापायों का एक पूरा ब्यूह तैयार किया है । हमने अपने विद्युत संयंत्रों के लिए कोयला आपूर्ति की पर्याप्तता, विश्वनीयता, गुणवत्ता एवं उचित मूलय निर्धारण को सुनिश्चित करने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड के साथ 20 वर्षों की अवधि के मॉडल दीर्घकालिक कोयला आपूर्ति करार पर हस्ताक्षर किए हैं ।

एनटीपीसी ने कोयला खनन के क्षेत्र में प्रवेश किया है और भारत सरकार से कोयला ब्लॉक प्राप्त किए हैं जिनमें कोल इंडिया लिमिटेड के साथ संयुक्त रूप से विकसित किए जाने वाले दो ब्लॉक भी शामिल हैं । वर्ष 2017 तक एनटीपीसी का लक्ष्य कोयले का उत्पादन 47 मिलियन टन प्रति वर्ष करने का है जिससे यह कोल इंडिया लिमिटेड के बाद देश में दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक बन जाएगा । हमारी योजना अगले वर्ष जल्दी ही अपनी कोयला खानों से उत्पादन शुरू करने की है । वर्ष 2017 तक हमारा लक्ष्य अपने उत्पादन से अपनी 20 से 25 प्रतिशत तक कोयला मांग को पूरा करने का है ।

एनटीपीसी ने भारत और विदेश में कोयला खनन कार्य के लिए सिंग्गारेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) के साथ मिलकर एनटीपीसी, एससीसीएल ग्लोबल बेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नामक संयुक्त उद्यम कंपनी स्थापित की है । इसने विदेश से कोकिंग कोयला और थर्मल कोयला प्राप्त करने के लिए संघीय साझेदार के रूप में राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (औरआईएनएल), स्टील आथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएआईएल), नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कारपोरेशन (एनएमडीसी) और कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के साथ समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए हैं । इसके अतिरिक्त एनटीपीसी स्वयं भी इंडोनेशिया और मोजांबिक जैसे देशों में कोयला खानों के लिए प्रयास कर रहा है ।

एनटीपीसी की रणनीति मुख्यतया ईंधन के मूल्य निर्धारण क्वालिटी एवं उपलब्धता की दृष्टि से बेहतर नियंत्रण रखने की है । आयातित कोयला भी एनटीपीसी के लिए तटीय संयंत्र स्थापित करने और इन क्षेत्रों के आसपास लोड की पूर्ति के लिए विकल्प उपलब्ध करा सकेगा ।

घरेलू गैस से आपूर्ति में आ रही कमी को दूर करने के लिए एनटीपीसी बाजार एवं वैकल्पिक स्रोतों से गैस तथा एलएनजी प्राप्त कर रहा है । अपने मौजूदा गैस आधारित परियोजनाओं तथा विस्तार योजनाओं के लिए गैस की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए एनटीपीसी प्राकृतिक गैस और एलएनजी मूल्य `ाृंखला में इक्विटी भागीदारी भी कर रहा है । संघीय साझेदार के रूप में एनटीपीसी ने राष्ट्रीय अन्वेषण लाइसेंसिंग पॉलिसी - V में अन्वेषण एवं उत्पादन कार्यों में भी प्रवेश किया है । अरुणाचल प्रदेश में पेट्रोलियम ब्लॉक में अन्वेषण कार्य चल रहे हैं । अभिनिर्धारित संभावित स्थलों पर वर्ष 2008-09 के दौरान अन्वेषक कुंओं, वेधन की योजना बनाई गई है ।

एनटीपीसी नाइजीरिया में एनटीपीसी द्वारा कोयला एवं गैस आधारित विद्युत परियोजनाएं स्थापित करने तथा नाइजिरिया द्वारा एनटीपीसी को गैस की आपूर्ति करने के लिए नाइजिरिया की संघीय सरकार के साथ परस्पर सहयोग की संभावनाएं भी तलाश रहा है । ईंधन सुरक्षा के लिए अपनी रणनीतिक पहल के साथ-साथ हम अपनी क्षमता वृद्धि के अनुरूप ईंधन की बढ़ती हुई मांग की आपूर्ति करने तथा ईंधन की कमियों को दूर करने के लिए भी तैयार हो रहे हैं ।

एनटीपीसी के विविधीकरण प्रयासों में प्रगति किस प्रकार हो रही है ?

एनटीपीसी ने विद्युत क्षेत्र में वृद्धि के नये अवसरों को पूंजीकृत करने और भारतीय विद्युत क्षेत्र में प्रमुख कंपनी के रूप में अपनी स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए अपनी शक्ति को संतुलित करने के लिए विविधीकरण प्रयास शुरू किए हैं ।

पिछले एकीकरण की दृष्टि से जैसाकि पहले बताया जा चुका है, एनटीपीसी ने कोयला खनन एवं अन्वेषण एवं उत्पादन कार्यों में भी प्रवेश किया है और प्राकृतिक गैस तथा एलएनजी मूल्य `ाृंखला में भी अपना स्थान बनाने का प्रयास कर रहा है ।

हाइड्रो पावर ऊर्जा का नवीकरणीय एवं पर्यावरण की दृष्टि से स्वच्छ स्रोत है और ईंधन के कीमतों में उतार-चढ़ाव से इस पर कोई प्रभावन नहीं पड़ता । हाइडल संयंत्र बेहतर लोड प्रबंधन के भी विकल्प उपलब्ध कराते हैं । तद्नुसार एनटीपीसी ने हाइड्रो पावर के विकास में प्रवेश किया और कोलडैम (800 मे.वा.), लोहारीनाग-पाला (600 मे.वा.) तथा तपोवन विष्णुगढ़ (520 मे.वा.) परियोजनाओं में निर्माण कार्य पूरे जोरशोर से चल रहा है । एनटीपीसी की योजना वर्ष 2017 तक अपने पोर्टफोलियो में 9000 मे.वा. क्षमता की हाइड्रो पावर परियोजनाएं रखने की है ।

वर्ष 2017 तक कंपनी की योजना पवन बायो ईंधन, सौर एवं भूतापीय स्रोतों जैसे ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों के माध्यम से 1000 मे.वा. क्षमता विकसित करने की है । एनटीपीसी ने नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से लगभग 500 मे.वा. की विद्युत उत्पादन क्षमता स्थापित करने के लिए एशियाइ विकास बैंक के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं । भूताप आधारित विद्युत परियोजनाएं स्थापित करने के लिए संभावित स्थलों का अभिनिर्धारण करने में सहयोग करने तथा अपनी जानकारी का आदान-प्रदान करने के लिए एनटीपीसी और नेशनल जिग्राफिकल रिसर्च इंस्टिटय़ूट के बीच एक और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं ।

एनटीपीसी ने व्यापारिक कारोबार के लिए एक पूर्ण स्वामित्वाधीन सहायक कंपनी एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड (एनवीवीएन) की स्थापना की है । भारत में व्यापार की मात्रा की दृष्टि से यह दूसरी सबसे बड़ी विद्युत व्यापार कंपनी है । आगे चलकर एनटीपीसी की योजना वास्तविक समय पर विद्युत व्यापार कारोबार करने के लिए अतिआधुनिक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का प्रयोग करते हुए नेशनल पावर एक्सचेंज स्थापित करने की है । इसका लक्ष्य वर्ष 2017 तक विद्युत के व्यापार में 25 विलियन यूनिट प्राप्त करने का होगा ।

विद्युत उत्पादन के कारोबार में सहयोग की दृष्टि से विद्युत वितरण एनटीपीसी के लिए एक अवसर उपलब्ध कराता है । एनटीपीसी इलैक्ट्रिकल सप्लाई कंपनी लिमिटेड (एनईएससीएल) इसकी पूर्ण स्वामित्वाधीन सहायक कंपनी है जो वितरण एवं ग्रामीण विद्युतीकरण के क्षेत्र में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए स्थापित की गई है । एनईएससीएल नये औद्योगिकी क्षेत्रों तथा विशेष आर्थिक जोनों में ग्रीनफील्ड वितरण सर्किल स्थापित करने पर विचार करने के साथ-साथ कुछ मौजूदा वितरण सर्किलों का अधिग्रहण करने का भी प्रयास कर रहा है । यह विद्युत मंत्रालय की राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (आरजीजीवीवाई) के अंतर्गत ग्रामीण विद्युतीकरण का कार्य भी कर रहा है । इसने राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत 6 राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों को कार्य सौंपा है जिनमें लगभग 40,000 गांव शामिल हैं ।

यदि देश में नियोजित विशाल क्षमता वृद्धि पर तथा आपूर्ति में कमी के कारण क्षमता वृद्धि में विगत में हुई कमियों पर दृष्टिपात करें तो स्पष्ट होगा कि विनिर्माण क्षमता को तत्काल बढ़ाने की आवश्यकता है । विनिर्माण के क्षेत्र में एनटीपीसी की विविधीकरण योजना, इंजीनियरी, विद्युत प्रबंध एवं विद्युत संयंत्र प्रचालन में अपनी शक्ति को संतुलित करने और रणनीतिक साझेदार के साथ सहयोग करने का एक रणनीतिक प्रयास है । ट्रांसफार्मर्स एंड इलैक्ट्रिकल केरल लिमिटेड (टीईएलके) में केरल सरकार का 44.6 प्रतिशत स्टेक लेने का निर्णय किया गया है ।

एनटीपीसी और बीएचईएल दोनों ने भारत और विदेशों में विद्युत संयंत्रों तथा अन्य अवसंरचनात्मक परियोजनाओं के लिए इंजीनियरी, खरीद एवं निर्माण (ईपीसी) तथा विनिर्माण एवं आपूर्ति से संबंधित कार्य करने के लिए ईक्विटी की बराबर हिस्सेदारी से संयुक्त उद्यम कंपनी एनटीपीसी - बीएचईएल पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का गठन किया है ।

एनटीपीसी ने प्रारंभ में विद्युत एवं अन्य उद्योगों के लिए अपेक्षित कास्टिंग, फोर्जिंग, फिटिंग पर उच्च ताप वाली पाइपिंग का विनिर्माण करने के लिए तथा विद्युत क्षेत्र के लिए शेष संयंत्र उपस्करों का विनिर्माण करने के लिए संयुक्त उद्यम कंपनी को प्रमोट करने के लिए भारत फोर्ज लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं । साथ ही यह विद्युत उपस्करों के विनिर्माण से संबंधित अवसरों की तलाश भी करेगा ।

एनटीपीसी की भारतीय तटों से बाहर कारोबार की क्या योजना है । क्या इसकी योजना श्रीलंका और नाइजीरिया से बाहर कारोबार करने की भी है ?

एनटीपीसी का प्रस्ताव श्रीलंका में त्रिंकोमाली क्षेत्र में कोयला आधारित संयंत्र स्थापित करने का है और उसे 5050 की ईक्विटी भागीदारी के साथ सीलोन इलैक्ट्रिसिटी बोर्ड (सीईबी) के साथ संयुक्त उद्यम कंपनी के माध्यम से 2  250 मे.वा. का संयंत्र स्थापित करने के लिए श्रीलंका सरकार और सीईबी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं । संयंत्र हेतु स्थल का अभिनिर्धारण कर लिया गया है और विद्युत क्रय करार के संबंध में सीईबी के साथ बातचीत चल रही है ।

विभिन्न बाजारों में निवेश का निर्णय करने के लिए सफल सेवा ब्रांड स्थापित करना एक बेहतर प्रयास होगा । इसके अतिरिक्त एनटीपीसी को विश्व बाजार में अपनी उपस्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न विकल्प भी उपलब्ध होंगे । वर्तमान में कंपनी पश्चिमी एशिया में अपने ग्राहकों को परामर्श सेवाएं प्रदान कर रही है ।

हाल में निर्मित एनटीपीसी - बीएचईएल संयुक्त उद्यम के बारे में क्या दृष्टिकोण है ?

सबसे पहले एनटीपीसी - बीएचईएल पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड दो परियोजनाएं पहले से अभिनिर्धारित कर चुका है जिनमें से एक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार की 750 मे.वा. की गैस आधारित बामनोली परियोजना है और दूसरी ईपीसी कार्य के लिए बिहार में 500 मे.वा. की वैशाली थर्मल पावर परियोजना है । इन परियोजनाओं के अलावा यह और ऑर्डर प्राप्त करने के प्रयास कर रहा हे । विनिर्माण के क्षेत्र में कंपनी विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है और स्थायी रूप से इसकी योजना 11वीं योजना के समाप्त होने से पहले विनिर्माण सुविधा प्रचालन शुरू करने की है । कंपनी अपनी कारोबार योजना तैयार कर रही है ।

न्यूक्लियर पावर के क्षेत्र में प्रवेश करने की एनटीपीसी की क्या योजना है ?

न्यूक्लियर पावर के उत्पादन के लाभों को देखते हुए और एनटीपीसी की सशक्त परियोजना प्रबंध क्षमता को देखते हुए हमारा विचार 2017 तक 2000 मे.वा. की न्यूक्लियर पावर क्षमता स्थापित करने का है ।

एनटीपीसी का न्यूक्लियर कार्यक्रम समग्र राष्ट्रीय नीति से निर्दिष्ट होगा ।