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चेयरमैन की सीएनबीसी के साथ वार्ता

प्रश्न 1. : आगामी वर्षों में भारतीय विद्युत क्षेत्र के संबंध में आपका क्या स्वप्न (विज़न) है ?

उत्तर : राष्ट्र का समूचे विद्युत क्षेत्र के लिए "वर्ष 2012 तक सब के लिए बिजली" का लक्ष्य है । हमारी योजना वर्ष 2012 तक देश में 1000 किलोवाट प्रतिघंटा प्रति व्यक्ति खपत स्तर तक पहुंचाने की है । हमारी आकांक्षा इस क्षेत्र में सर्वसमावेशी विकास करने की है जिसमें ग्रामीण एवं दूर-दराज के क्षेत्रों सहित गरीबी की रेखा से नीचे रहने वाले परिवार भी शामिल हैं । हमारा विचार वर्ष 2012 तक प्रत्येक परिवार के लिए प्रतिदिन 1 यूनिट के न्यूनतम खपत के लक्ष्य तक पहुंचने की है । भारतीय विद्युत क्षेत्र का प्रयास अत्यधिक दक्ष विद्युत उत्पादन के माध्यम से जो सामाजिक और पर्यावरण की दृष्टि से भी अनुरक्षणीय होगा भारत का आविर्भाव विश्व में एक प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में किए जाने का होगा ।

भारतीय विद्युत क्षेत्र में प्रमुख संस्था के रूप में एनटीपीसी ने अपना विज़न निर्धारित किया है जो इस प्रकार है : "विश्व में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के साथ भारत के विकास को सशक्त बनाने वाली विश्वस्तरीय एकीकृत विद्युत कंपनी" ।

प्रश्न 2 : भारत के पक्ष में वे कौन से कारक हैं जो इस क्षेत्र में सफलता दिलाने में सहायक हुए हैं ?

उत्तर :विद्युत क्षेत्र के लिए आर्थिक विकास और विद्युत की बढ़ती हुई मांग विकास के प्रेरक तत्व हैं । इनके परिणामस्वरूप व्यापक स्तर पर क्षमता वृद्धि के लक्ष्य पूरे किए गए हैं और राष्ट्रीय ग्रिड का निर्माण किया गया है । व्यापक क्षमता वृद्धि की आवश्यकता ने देश में क्षमता एवं सामर्थ्य के निर्माण के समक्ष चुनौतियां भी खड़ी की हैं जिन्हें विद्युत उद्योग में कई कंपनियों द्वारा स्वीकार किया गया है । मुझे पूरा विश्वास है कि इस दिशा में किए गए प्रयासों से हमारा राष्ट्र जनता की विद्युत मांग को पूरा करने में आत्मनिर्भर बनने जा रहा है ।

भारत के विद्युत उद्योग में विद्युत की मांग में निरंतर वृद्धि, शहरीकरण में निरंतर वृद्धि, जनसंख्या वृद्धि, परिवारों के जीवन स्तर में सुधार और विद्युत क्षेत्र के विकास के लिए एक सक्षम फ्रेमवर्क का आविर्भाव ऐसे कारक हैं जो विद्युत क्षेत्र के लिए विभिन्न मोर्चों पर प्रभावी परिणाम देने में सहायक हुए हैं ।

प्रश्न 3 : जब आप अपनी यात्रा के पिछले क्षणों को याद करें तो आप सबसे पहले गौरवमय क्षण कौन सा होगा या अपने उस स्मृतिकोष से आप कोई स्मरणीय उदाहरण दे सकते हैं ?

उत्तर : यह एक लंबी यात्रा रही है जिसमें मुश्किलों और आनंद के क्षण आते रहे हैं ।

गर्व की दृष्टि से ऐसे कई गौरवमय क्षण आए हैं, परंतु मैं उनमें से कुछ के बारे में बताना चाहूंगा ।जब भी नई विद्युत उत्पादन क्षमता में वृद्धि की गई और ग्रिड में इलैक्ट्रोन अंतःक्षेपित किए गए, मुझे बहुत ही हर्ष और गर्व महसूस हुआ । जिस समय नई क्षमता से बिजली ग्रिड में प्रवाहित होती है वह क्षण इस बहुमूल्य प्रक्रिया का प्रारंभ होता है जो राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था एवं उद्योग तथा भारत की जनता के लिए बहुत ही मूल्यवान क्षण होता है । बिजली की प्रत्येक यूनिट राष्ट्री अर्थव्यवस्था में मूल्ययोजक होती है ।

एनटीपीसी की रिहंद सुपर थर्मल पावर परियोजना में महाप्रबंधक के रूप में उत्पादन के हर्ष के साथ-साथ मेरे लिए वह क्षण सबसे यादगार है जब उस दूरदराज के क्षेत्र में आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बिजली मुहैया कराने के बाद लोगों के बीच खुशियां और उत्सव मनाए गए परंतु एनटीपीसी के लिए इन गांवों का समूह हमेशा एक अंधकार क्षेत्र रहा होगा । बिजली सप्लाई ने न केवल नई ऊर्जा के साथ उनके जीवन को स्पर्श किया बल्कि उनके रहन-सहन के स्तर तथा उनके भविष्य के प्रति सोच पर उसी समय से एक रूपांतरकारी प्रभाव छोड़ा । ऐसे सकारात्मक ढंग से जनता के जीवन में प्रवेश करना मेरे लिए एक ऐसा अनुभव है जो मेरे हृदय को गर्व और संतुष्टि से सराबोर कर देता है ।

इसके बाद एनटीपीसी की सीपत परियोजना के महाप्रबंधक के रूप में मुझे परियोजना के आसपास के क्षेत्र में परियोजना प्रभावित व्यक्तियों के लिए पुनर्वास कार्य योजना तैयार करने में किया गया टीमवर्क याद आता है । हमने बिलकुल निचले स्तर पर ग्रामवासियों से लेकर प्रत्येक स्टेकधारक तक और पंचायत स्तर से लेकर मंत्रियों तक संपर्क किया । यह सब की प्रतिभागिता और सब को शामिल करने की एक बड़ी कवायद थी । हमने पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए बहुत अच्छी स्कीम और सिस्टम बनाए परंतु सबसे अधिक संतोषजनक वह अनुभव था जब हमने आकांक्षाओं एवं महत्वाकांक्षाओं की कई बुलंदियों को छुआ और स्वयं को मिशनरी उत्साह के साथ सबके बीच केंद्र के रूप में पाया ।