हमारे साथ भावी संभावनाएं

कर्मचारियों का कथन

चुनौतियों की अनवरत यात्रा

यह मेरे जीवन का सौभाग्य रहा कि मुझे इस विशाल संगठन में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ । पिछले 30 वर्ष में मुझे जो अनुभव प्राप्त हुआ वे मेरे लिए बहुत ही सार्थक थे । मेरे मन में जो चित्र सबसे पहले उभरता है वह है 7 जनवरी, 1975 को इस यात्रा का प्रारंभ, चुनौतियों की अनवरत यात्रा । हमारी चुनौतियां काफी पेचीदा दिखाई देती थी । हमने उन्हें अच्छी तरह समझा और तनाव तथा चुनौती के माहौल में उनका सामना किया, हमेशा ऐसा ही होता है और होता रहेगा । हमारी कंपनी का आकार और जिम्मेदारियां बहुत बढ़ी हैं । मेरे लिए तो व्यक्तिगत रूप से यह एनटीपीसी की अभिवृद्धि एवं विकास का प्रेरक एवं चुनौतीपूर्ण हिस्सा रहा है । मैं इसे इस संगठन में प्रतिभावान एवं मेधा संपन्न लोगों के साथ काम करने का ईनाम समझता हूं ।

मैं उन सभी व्यक्तियों का आभार व्यक्त करता हूं और उन्हें बधाई देता हूं जो इस बहुमूल्य यात्रा में मेरे साथ रहे और हर वक्त हमारे साथ खड़े रहे ।

देवेन्द्र गुलाटी
उप महाप्रबंधक (हाइड्रो इंजीनियरी), कारपोरेट केंद्र

 

ईश्वर को धन्यवाद ! एनटीपीसी को धन्यवाद !

1975 ! जब एक सितारा उदित हुआ । एनटीपीसी को निगमित किया गया । एक छोटे से संगठन एनटीपीसी की उस समय बड़ी-बड़ी योजनाएं थीं । मैं भागयशाली हूं कि मैं ऐसी टीम - एनटीपीसी के सर्वप्रथम सदस्यों में से एक रहा जिसने एक नया इतिहास रचा ।

एनटीपीसी के विकास की कहानी के साथ-साथ मेरे अपने निजी जीवन की कहानी भी प्रारंभ होती है । मैंने जुलाई, 1976 में एनटीपीसी में कार्य शुरू किया । एक माह के बच्चे का पिता था । मेरे पुत्र और पुत्री के विकास पर इस संगठन के विकास में कई रोचक सामान्यताएं हैं । आज एनटीपीसी 29,894 मे.वा. की क्षमता के साथ एक विशालकाय विद्युत कंपनी बन गई है । ईश्वर की कृपा से मैं डेढ़ वर्षीय बच्चे का दादा बन गया हूं ।

ईश्वर मेरे प्रति बहुत ही दयावान रहा है । मैं अपनी पूरी क्षमता और प्रतिबद्धता से अपना योगदान देने में समर्थ रहा हूं । साथ ही मेरी पत्नी भी अपनी घरेलू जिम्मेदारियों का पूरी तरह निर्वहन करने से भी अधिक मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती रही है । मेरा परिवार एक खुशहाल भविष्य के वायदे के साथ एक खुशहाल एवं उल्लास भरे यूनिट के रूप में फला-फुला है । संक्षेप में इस संगठन के विकास, मेरे परिवार के विकास तथा एनटीपीसी में मेरे कैरियर के विकास के बीच यह विलक्षण सामानता मेरे जीवन का संतोषजनक अनुभव रही है जिससे अधिक मैं ईश्वर से और कुछ क्या मांग सकता था । मैं अपनी कंपनी और अपने परिवार के प्रति अपनी उपलब्धियों को समर्पित करता हूं जो कंपनी को अपने सर्वश्रेष्ठ सर्मपण देने में सक्षम बनाने में हमेशा मेरे साथ खड़ा रहा ।

मैं यह कामना और प्रार्थना करता हूं कि जब भी एनटीपीसी में निभाई गई मेरी पारी समाप्त हो मैं कंपनी के झंडे को इतना ऊंचा देखते हुए विदा होऊं जो विश्व की इस जैसी एकीकृत पावर कंपनी के समान ऊंचा हो और इस भावना के साथ जाऊं कि मैंने कंपनी के कार्य निष्पादन में अपना सर्वश्रेष्ठ एवं विनम्र योगदान दिया ।

एम. एल. नंदवाणी 
प्रधान कार्यपालक सचिव, सीएमडी,एनटीपीसी